पहाड़ों की हकीकत

तीसरी बार धड़ामः चीन सीमा को जाने वाला एक मात्र पुल ।

 तीन महीने पूर्व भी टूट गया था पुल।
बीआरओ की गुणवत्ता पर उठे सवाल।
एक ट्रक का वजन भी नही थाम सका पुल।
चार धाम यात्रा तैयारियों पर भी प्रश्न चिन्ह।
गिरीश गैरोला 
रविवार सुबह चीन सीमा को जाने वाला एक मात्र गंगोत्री पुल फिर से ढह गया। तीन महीने पूर्व ही इस स्थान पर दिसंबर महीने में यही पुल टूट गया था। तब बीआरओ ने ओवर लोड को पुल टूटने की वजह बताया गया था, जिसके बाद 18 टन भार छमता का नया वैली ब्रिज बनाया गया जो रेत के एक अकेले ट्रक के भार को भी सहन नही कर सका और एक अप्रैल को फिर से जमींदोज हो गया। जिला प्रशासन की तरफ adm और sdm मौके पहुंचे । पुलिस और  sdrf को मौके पर वैकल्पिक सड़क निर्माण तक यात्रियों  को पैदल नदी से पार कराने की जिम्मेदारी दी गयी है। बीआरओ के कमांडर सुनील श्रीवास्तव ने माना कि एक अकेले ट्रक के भार से पुल को नही टूटना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कारणों की जांच की जाएगी।  विकल्प के तौर पर नदी में चार ह्यूम पाइप डालकर अस्थायी आवाजाही आज रात तक तैयार की जाएगी। किन्तु इस स्थान पर फिर से वैली ब्रिज बनने में एक महीने का समय लगेगा। बताते चलें कि 18 अप्रैल को गंगोत्री यमनोत्री कपाट खुलने के साथ ही चार धाम यात्रा शुरू  हो रही है। इसके अलावा पड़ोसी देश चीन द्वारा सीमा विवाद के बाद बार-बार आंख दिखाए जाने के जबाब में भारत की तरफ से क्या इसी तैयारी के भरोसे हैं हम?
कमांडर सुनील ने बताया कि इस बार तीन लेयर में अतिरिक्त सुरक्ष के साथ पुल निर्माण किया जाएगा।
वहीं बार-बार गंगोरी में ध्वस्त हो रहे पुलों के बाद स्थानीय लोगों मे बीआरओ की कार्यप्रणाली को लेकर बेहद गुस्सा है।उन्होंने बीआरओ के खिलाफ नारे बाजी करते हुए पुतला फूंका और आरोप लगाया कि बीआरओ द्वारा पुराना लोहा प्रयोग करते हुए पुल में घटिया गुणवत्ता का निर्माण कराया गया है।
गौर करने वाली बात ये है कि वर्ष 2008 में गंगोरी स्थित बीआरओ का स्थायी पुल उद्घाटन से पूर्व ही ध्वस्त हो गया था। वर्ष 2012-13 की आपदा में यही पुल बहा, जिसके बाद यहाँ 18 टन भार तक के लिए वैली ब्रिज बनाया गया जो तीन महीने में ही फिर से ध्वस्त हो गया। इसके अलावा 2012 में बीआरओ का स्वारी गाड़ में भी निर्माणधीन पुल ध्वस्त हुआ। वर्ष 2014 में धौंत्री में लोक निर्माण विभाग का मोटर पुल ध्वस्त हुआ, 2014 में ही अस्सी गंगा पर एनबीसीसी का पुल ध्वस्त हुआ और 2015 में गजोली में निर्माणाधीन पैदल पुल ध्वस्त हुआ।
इसी तरह श्रीनगर में पुल ध्वस्त होने के बाद सरकार ने पुल निर्माण को लेकर गंभीरता दिखाने की बात कही थी किंतु लगातार हो रहे पुल हादसे कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हैं।
रविवार का दिन बीआरओ के लिए शुभ नही रहा। आज सुबह ही बीआरओ के मजदूरों और तकनीकी स्टाफ के साथ चिन्यालीसौड़ में ऑल वेदर रोड का एलाइनमेंट देने जा रहा ट्रक भी हादसे का शिकार हो गया जिसमें 9 लोग घायल हो गए और एक मजदूर की मौत हो गयी।
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