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सीडीओ के खिलाफ एकजुट जिला पंचायत

सीडीओ को हटाने के लिए एकजुट हुए जिला पंचायत सदस्य।

कभी अर्धनग्न होकर सदन के फर्श पर विरोध प्रदर्शन करने वाले विरोधी गुट के नेता भी अध्यक्ष के पक्ष में ।

बिगड़ैल अधिकारियो की पिटाई के पक्ष में लक्ष्मण भंडारी।

जिला पंचायत की बैठक में अधिकारियों के न आने से गुस्साए जिला पंचायत सदस्यों ने कार्यालय में की तालाबंदी, सीडीओ के ट्रांसफर की उठाई मांग ।

जानबूझकर अधिकारियों को बैठक में आने से रोकने का लगाया आरोप।

 गिरीश गैरोला।

उत्तरकाशी के सीडीओ को हटाने के लिए उत्तरकाशी जिला पंचायत के सभी सदस्य एकजुट हो गए है। अद्यक्ष जिला पंचायत जसोदा राण की माने तो पिछले दिनों एक करोड़ 94 लाख के घपले में शामिल आईएएस आईएएस अधिकारी जो इस वक्त उत्तरकाशी में सीडीओ के पद पर तैनात है की शिकायत सासन स्तर पर करने से नाराज सीडीओ  बदले की भावना से काम कर रहे है और जान बूझ कर जिला पंचायत की बैठक में अधिकारियो को आने से रोकने का काम करते है। गुरूवार को भी जिला पंचायत की समीक्षा बैठक में जिला स्तरीय अधिकारियों को आने से रोक दिया गया हालांकि मुख्य विकास अधिकारी द्वारा 16 से 31 मार्च तक चलने वाले स्वच्छता पखवाड़े को लेकर बैठक किए जाने का हवाला दिया गया है। सीडीओ को लेकर इस नाराजगी ने  पूरे जिला पंचायत को एकजुट होने का मौका दे दिया है । पूर्व में 9 नाराज सदस्यों के साथ अलग गुट का नेतृत्व कर रहे जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण भंडारी भी पुरानी बर्फ पिघलाते हुए अध्यक्ष जिला पंचायत जसोदा राणा के पक्ष  में बैठे दिखाई दे रहे हैं । गौरतलब है कि अपने नाराज सदस्यों के साथ जिला पंचायत सदस्य लक्ष्म ण भंडारी

सदन के फर्श पर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन कर चुके हैं।

मीडिया ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था किंतु अब अध्यक्ष जिला पंचायत जसोदा राणा के भाजपा में शामिल होते ही नाराज गुट के भी सुर बदल गए हैं जिला पंचायत सदस्य लक्षण भंडारी की माने तो अब पुरानी बर्फ पिघल चुकी है और अब हर कदम पर अध्यक्ष जिला पंचायत के साथ खड़े हैं । जिला पंचायत सदस्य लक्ष्मण भंडारी निर्वाचित प्रतिनिधियों के खिलाफ सरकारी अधिकारियों के रुख से  इतने नाराज दिखे कि उन्होंने दिल्ली विधान सभा में  बिगड़ैल अधिकारियों की पिटाई को सही कदम बताते हुए भविष्य में इस सदन में भी पिटाई की इस घटना की पुनरावृत्ति से इनकार नहीं किया । उन्होंने तो यहां तक कह डाला ऐसे बिगड़ैल अधिकारियों को जूतों से खबर लेनी चाहिए।

बताते चलें कि पूर्व में पंचायत के 9 नाराज सदस्य जिला योजना राज्य सेक्टर और तेरहवे वित्त सहित  सभी मदों में उनके क्षेत्र को विकास योजनाओं से जानबूझकर दूर रखने के लिए कई बार विरोध प्रदर्शन कर चुके है।

उत्तरकाशी जिला पंचायत की बैठक तीसरी बार जिला स्तरीय अधिकारियों के न पहुंचने के चलते रद्द हो गई। गुस्साए जिला पंचायत सदस्यों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सीडीओ  विनीत कुमार को तत्काल हटाने की मांग करना शुरु कर कार्यलय में तालाबंदी कर दी।

इतना ही नहीं सीडीओ जानबूझकर अधिकारियों को जिला पंचायत की समीक्षा बैठक में आने से रोकते हैं उन्होंने कहा कि संगठन के निर्णय के अनुसार जब तक सीडीओ का स्थानांतरण नहीं किया जाता तब तक धरना जारी रहेगा।

जिला पंचायत सदस्य प्रकाश रमोला ने कहा जिले के सर्वोच्च सदन जिला पंचायत में जब जिला स्तरीय अधिकारी शामिल नहीं हो रहे हैं तो ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि छोटे सदन में अधिकारियों का रवैया कैसा रहता होगा।

सदस्य जिला पंचायत लक्ष्मण भंडारी ने  कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष  ने उनकी पुरानी समस्याओं का समाधान कर लिया है लिहाजा अब पूरा जिला पंचायत एक है और इतना ही नहीं उन्होंने दिल्ली में हुए आईएएस अधिकारी की पिटाई को सही कदम बताते हुए आगाह किया कि यदि ब्यूरोक्रेट्स का चुने हुए जनप्रतिनिधियों से यही रवैया रहा तो इतिहास गवाह है कि इन्हें  पिटाई के साथ जूतों का स्वाद भी चखना होगा।

इस संबंध में जब सीडीओ  विनीत कुमार से पूछा गया तो उन्होंने कहा जिला पंचायत द्वारा सभी अधिकारियों को पत्र लिखे गए थे जिनकी कॉपी उन्हें  भी प्राप्त हुई थी किंतु अधिकारियों के जिला पंचायत बैठक में शामिल ना होने की कोई जानकारी उन्हें नहीं दी गई इसके अलावा सफाई पखवाड़ा अभियान 16 मार्च से 31 मार्च तक चलाया जाना था जिसकी सूचना उन्हें भी देर से ही मिली थी लिहाजा उनके द्वारा संबंधित विभाग के अधिकारियों को आधा घंटा के लिए बैठक के लिए बुलाया गया था ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद जिलाधिकारी आशीष कुमार चौहान मौके पर पहुंचे और अपने हाथ से जिला पंचायत का ताला खोल कर जिला पंचायत सदस्यों को सीडीओ के ट्रांसफर की उनकी मांग को  शासन को भेजने हैं का भरोसा दिलाया है।

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