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कुंभ 2021: स्थाई कार्यों को प्राथमिकता। 2200 करोड़ के कार्य प्रस्तावित

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नगर विकास मंत्री श्री मदन कौशिक के साथ मंगलवार को सचिवालय में हरिद्वार कुंभ मेला- 2021 की तैयारियों की समीक्षा की।

स्थायी प्रकृति के कामों को शीघ्र चिन्हित करें

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अधिकारियों को स्थायी प्रकृति के कार्यों को शीघ्र चिन्हित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जो काम पूरे हो सकते हो वही शुरू किये जायें। आधे-अधूरे कार्य स्वीकार नहीं किये जायेंगे। कुंभ प्रारम्भ होने के उपरांत कोई भी काम निर्माणाधीन न रहे। मुख्यमंत्री ने हरिद्वार-रूड़की विकास प्राधिकरण को मेला की आवश्यकतानुसार विभिन्न स्थानों को शीघ्र चिन्हीकरण करने के निर्देश दिये।

कुंभ का लोगो डिजाइन किया जाय 

मुख्यमंत्री ने अर्द्धकुम्भ 2021 का लोगो डिजाइन कर कुंभ की समाप्ति तक प्रत्येक सरकारी क्रिया-कलाप में उसका उपयोग करने के निर्देश दिये।

सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबन्धन सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग के आला अधिकारियों को कहा कि कुंभ मेले में करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते है ऐसे में भीड़ प्रबन्धन और सुरक्षा व्यवस्था शीर्ष प्राथमिकता है। पुलिस महानिदेशक श्री ए.के.रतूड़ी ने बताया कि कुंभ मेले में 20 हजार से अधिक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जायेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा कुंभ मेले लिये 54 करोड़ रूपये के स्थायी निर्माण, 30 करोड़ रूपये के सुरक्षा उपकरण आदि संसाधन तथा 45 करोड़ रूपये रनिंग बजट का आकलन किया गया है। आग एवं भगदड की घटनाओं  को रोकने के लिये विशेष कार्ययोजना बनाई जायेगी।

फरवरी में मुख्यमंत्री करेंगे कुंभ मेला क्षेत्र का निरीक्षण

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत द्वारा फरवरी में कुंभ मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया जायेगा। इस अवसर पर पूर्व के कुंभों में तैनात पुलिस-प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारियों, मेला अधिकारियों आदि को भी मौजूद रहने के निर्देश दिये गये है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ 2021 का सफल आयोजन सरकार की प्राथमिकता है और इसे अभी से प्रारंभ किया जाय। कुंभ प्रारंभ होने के दो वर्ष पूर्व एक स्थायी मेलाधिकारी की तैनाती भी की जायेगी।

रिंग रोड का प्रस्ताव नेशनल हाइवे हेतु न भेजने पर बिफरे मुख्यमंत्री

लो.नि.वि. के द्वारा कुंभ हेतु हरिद्वार में प्रस्तावित रिंग रोड का एनएच हेतु प्रस्ताव अभी तक केन्द्र सरकार को न भेजे जाने पर मुख्यमंत्री ने बेहद नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि पिछले 06 माह से रिंग रोड की बात चल रही है और इसको एनएच घोषित करने का प्रस्ताव अभी तक क्यों नही भेजा गया। मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता को कार्य में सुधार लाने की नसीहत देते हुए तत्काल रिंग रोड और आवश्यक पुलों का सर्वे कार्य प्रारंभ करने को कहा।

कमिश्नर करें नियमित बैठक-सीएम

मुख्यमंत्री ने कमिश्नर गढ़वाल को कुंभ की तैयारियों के लिये सभी विभागों की नियमित बैठक करने के निर्देश दिये। कमिश्नर गढवाल बैठक कर कुंभ का एक प्रारंभिक प्लान प्रस्तुत करेंगे जिससे सभी विभाग समय रहते अपने बजट एवं संसाधनों की व्यवस्था करने की कार्यवाही शुरू करें।

अखाड़ों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाय-शहरी विकास मंत्री श्री कौशिक

नगर विकास मंत्री श्री मदन कौशिक ने अवगत कराया कि अखाडों के लिये बिजनौर रोड पर स्थान चिन्हित कर उनके लिये सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जायेंगी। विगत दिनों प्रथम चरण की बैठक में इसके लिये अखाड़ों की सैद्धांतिक सहमति प्राप्त हो गई है। नगरीय विकास मंत्री श्री कौशिक ने जिला प्रशासन को निर्देश दिये कि वे अखाड़ों की सुविधा और उनके स्नान के दिनों की आवश्यकता के अनुसार योजना बनायें। पेशवाई के आने-जाने हेतु वैकल्पिक पुलों आदि की व्यवस्था की योजना शीघ्र बनायें।

कुंभ 2021 हेतु 2200 करोड़ के कार्य प्रस्तावित

बैठक में बताया गया कि 2021 कुंभ के लिये कुल 2200 करोड़ के कार्य प्रस्तावित किये जा रहे हैं जिससे 85 प्रतिशत कार्य स्थायी प्रकृति के हैं। संपूर्ण मेला क्षेत्र लगभग 130 वर्ग किमी है। हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी जनपदों के भू-भाग मेला क्षेत्र में आयेंगे। फिलहाल मेला क्षेत्र कुल 32 सेक्टर्स में विभाजित है। वर्ष 2010 के कुंभ पर 600 करोड़ रूपये व्यय हुए थे।

सिंचाई विभाग द्वारा 2021 कुंभ हेतु 36.62 करोड़ का कार्य प्रस्तावित है जिसमें कांगड़ा घाट का विस्तारीकरण, दीन दयाल पार्किग से चण्डीपुल तक गंगा किनारे आस्था पथ निर्माण, ग्राम कांगडी में घाट निर्माण, गंगनहर के दायें धनौरी-सिडकुल लिंकमार्ग का निर्माण कार्य प्रमुख है।

पीडब्ल्यू द्वारा 1607 करोड़ रूपये के कार्य प्रस्तावित हैं जिससे 1565 करोड़ की लागत से हरिद्वार रिंग रोड का निर्माण प्रमुख है।

पावर कारपोरेशन द्वारा 149 करोड रूपये के कार्य प्रस्तावित किय गये है जिसमें मुख्य कार्य, प्रमुख मेला क्षेत्र में 33 के.वी., 11 के.वी. व एलटी लाइनों को भूमिगत करना है। इसके साथ ही कई ओवरहेड लाइनों को शिफ्ट भी किया जायेगा।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा 170 करोड़ रूपये के कार्य प्रस्तावित है। इन कार्यों से 30 करोड़ की लागत से रोशनाबाद में 200 बेड का जिला हास्पिटल तथा 24 करोड की लागत से भूपतवाला में 50 बेड का हास्पिटल निर्माण सम्मिलित है। इसके साथ ही बहादराबाद अस्पताल को उच्चीकृत कर 30 बेड का अस्पताल बनाया जायेगा। जल संस्थान द्वारा 11 करोड रूपये के प्रस्तावित कार्य बताये गये। पेयजल निगम द्वारा 19 करोड रूपये का प्रस्ताव दिया गया है। शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित 

बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री डाॅ.रणवीर सिंह, प्रमुख सचिव वित्त श्रीमती राधा रतूड़ी, डीजीपी श्री ए.के.रतूड़ी, प्रमुख सचिव श्री आनंद वर्द्धन, सचिव श्री आर.मीनाक्षी सुन्दरम, श्री नितेश झा, श्री दिलीप जावलकर, एडीजी श्री अशोक कुमार सहित हरिद्वार के डीएम श्री दीपक रावत, एसएसपी श्री कृष्ण कुमार, देहरादून के डीएम श्री एमएस मुरूगेशन, एचआरडीए के वीसी श्री नितिन भदौरिया आदि उपस्थित थे।

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