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माघ मेला समाप्ति बाद कूड़ादान बने मैदान पर डीएम का जिला पंचायत को नोटिस

माघ मेले की समाप्ति के बाद कूड़ा घर बना रामलीला मैदान
सफाई की कोई ब्यवस्था नही की जिला पंचायत ने
Dm ने जिला पंचायत को जारी किया नोटिस।
गिरीश गैरोला
उत्तरकाशी में माघ के समाप्ति के बाद व्यापारी तो चले गए किन्तु मैदान में जमा प्लास्टिक कूडे पर  सूअर और जंगली पशु आराम फरमा रहे है।
    तमाम अव्यवस्थाओं के बीच उत्तरकाशी का माघ मेला भले ही संपन्न हो गया हो किंतु मेला समाप्ति के बाद मैदान छोड़कर गए व्यापारी उत्तरकाशी  के रामलीला मैदान को  कूड़ा घर बना कर चले गए।
 हालात यह हैं कि तमाम तरह के प्लास्टिक मैदान में बिखरे पड़े हैं। मैदान में जमा कचरे पर  सुअर और आवारा पशु आराम फरमा रहे हैं और मेले की आयोजक जिला पंचायत हाथ पर हाथ धरे बैठी मेले में हुई कमाई का हिसाब लगा रही है। मीडिया द्वारा संज्ञान  लाए जाने के बाद डीएम उत्तरकाशी डॉक्टर आशीष कुमार चौहान ने मामले पर तत्काल जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को नोटिस जारी कर कूड़े के डिस्पोजल के निर्देश दिए हैं । साथ ही  स्पष्ट हिदायत भी दी है कि आगामी वर्षों में मेला आयोजन के बाद पैदा होने वाले कूड़े के भी डिस्पोज ऑफ करने की व्यवस्था आयोजनकर्ता द्वारा की जाए।
बताते चले कि जिला पंचायत माघ मेले के लिए दुकानों झूला चर्खी का टेंडर ठेकेदार को देकर मामले से अपनी आंखें मूंद लेती है। इस वर्ष दुकानों के आबंटन से लेकर तमाम व्यवस्थाओं को लेकर मेला विवाद में रहा और अब मेला समाप्ति के बाद मेला मैदान को कूड़ा घर बनाकर छोड़ दिया गया तो आम लोगों की नाराजी जायज है।
 उत्तरकाशी छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष दीपेंद्र कोहली ने सवाल उठाया कि बाजार का सामान्य व्यापारी टैक्स देकर व्यापार करता है और पॉलीथिन प्रयोग करने पर उसे जुर्माना वसूल किया जाता है किन्तु  मेले में न तो व्यापारी द्वारा टैक्स भरा गया और न ही पॉलीथिन पर प्रतिबंध ही लगा। इतना ही नहीं मेला समाप्त होने के बाद उत्तरकाशी का रामलीला मैदान कूड़ा घर बन गया है, जो  जिला पंचायत के अधिकारियों को नजर नहीं आ रहा है।
  छात्र नेता अमरीकन पुरी ने भी  मेले में छोड़ी गई गंदगी पर जिला पंचायत को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा 21 जनवरी को मेला समाप्त होने के बाद जिला पंचायत को अन्य व्यवस्थाओं के साथ मैदान में कूड़े की व्यवस्था भी करनी चाहिए थी किंतु जिला पंचायत ने उत्तरकाशी की पौराणिक माघ मेले को एक कमाई का साधन भर मान लिया है । यही कारण है कमाई  वाले आइटम  में विरोध के बावजूद भी काम कराए जाते रहे हैं , वहीं मेला समाप्त के बाद मैदान को साफ करने  और पूर्व स्थिति में लाने के लिए जिला पंचायत से प्रार्थना करनी  पड़ रही है।
Dm उत्तरकाशी आशीष कुमार ने खबर का संज्ञान लेते हुए तत्काल जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सख्त हिदायत दी है कि मेला स्थल को तत्काल स्वच्छ स्थिति में लाते हुए आने वाले वर्षों में मैदान में होने वाले कूड़े के डिस्पोजल की भी पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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