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दो और फर्जी बाबा। कुंभ से भी बहिष्कृत

कुमार दुष्यंत । हरिद्वार

अब प्रमोद कृष्णन बने फर्जी बाबा

अखाडा परिषद ने आज इलाहाबाद में हुई महत्वपूर्ण बैठक में दो ओर संतों को फर्जी संत घोषित किया है।परिषद की इस तीसरी सूची को मिलाकर अब अखाडा परिषद द्वारा घोषित कुल फर्जी संतों की संख्या उन्नीस हो गई है।

राष्टरीय अखाडा परिषद की आज इलाहाबाद के बड़े अखाडे में सम्पन्न हुई बैठक में दो ओर संतों को फर्जी घोषित किया गया।इनमें टीवी पर राजनीतिक बहसों में हिस्सेदारी करने वाले प्रमोद कृषणन व चक्रपाणी महाराज के नाम शामिल हैं।

बैठक में फर्जी संतों को 2019 में इलाहाबाद में पडने वाले अर्द्धकुंभ एवं 2021 में हरिद्वार के कुंभ में प्रवेश न करने का भी निर्णय लिया गया।
अखाडा परिषद पिछली तीन बैठकों से लगातार फर्जी संतों के नामों की घोषणा करता आ रहा है।

दस सितंबर को हुई पहली बैठक में राम रहीम व आसाराम सहित चौदह संतों के नाम घोषित किये गये थे।इसके बाद महिला संत त्रिकाल भवंता सहित तीन व अब दो संतों के नाम के साथ यह सूची उन्नीस पर पहुंच गयी है।फर्जी घोषित करने पर कुछ संतों ने अखाडा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी पर मानहानि का भी दावा किया है।

लेकिन अखाडा परिषद लगातार फर्जी संतों के रुप में नये नये नामों का खुलासा करती जा रही है।चक्रपाणी दक्षिण के संत हैं।जबकि प्रमोद कृषणन यूपी के हैं और कांग्रेसी संत माने जाते हैं।प्रमोद कृषणन क्योंकि राजनीतिक संत हैं।इसलिए उन्हें फर्जी घोषित करने का असर अभी अखाडा परिषद में दिखना बाकी है।

ये हैं अब तक घोषित फर्जी संत:-

असीमानंद., रामरहीम, आसाराम, राधेमां, नित्यानंद, निर्मलबाबा, ओमबाबा, सचिनदत्ता, ईच्छाधारी भीमानंद, नारायण सांई, त्रिकाल भवंता, ओमनमशिवाय बाबा, कुशमुनि, प्रमोद कृषणन व चक्रपाणी महाराज।

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