एक्सक्लूसिव पहाड़ों की हकीकत

देखिए वीडियो: महिला के भाजपा नेता पर गंभीर आरोप।करेगी आत्महत्या !

 देहरादून के लाखामंडल की एक महिला ने क्षेत्र के कुछ भाजपा नेताओं पर आरोप लगाया है कि वह उनकी पुत्री का जन जाति प्रमाण पत्र रद्द करवाने पर तुले हुए हैं।महिला सुनवाई न होने पर आत्महत्या के लिए मजबूर है।
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 क्षेत्र की समाज सेविका बचना शर्मा ने भाजपा नेता गीताराम गौड़ और सुशील गौड़ पर आरोप लगाया है कि यह दोनों नेता अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके उनकी पुत्री को एकलव्य स्कूल से निकलवाना चाहते हैं और उनका जन जाति प्रमाण पत्र रद्द करवाना चाहते हैं।
  बचना शर्मा बताती हैं कि उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर काफी साल पहले एक व्यक्ति ने शारीरिक संबंध बना लिए थे और जब बचना गर्भवती हो गई तो वह उसे अकेला छोड़ कर भाग गया।बचना उसकी बिन ब्याही मां बन गई थी।
बचना ने बच्ची का गर्भपात न कराकर उसे जन्म दिया और अपने बलबूते पर उसे पालने लगी। जब आसपास के समाज की नजरें उस पर टेढ़ी होने लगी तो उसने एक स्थानीय अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति ओमप्रकाश को अपनी बच्ची के लिए अभिभावक अथवा पिता के तौर पर साथ में कर लिया।
बचना कहती है कि गीता राम गौड़ और सुशील गौड़ बच्ची के पिता को तमिलनाडु का बताकर कर जन जाति प्रमाण पत्र रद्द करवाने पर तुले हुए हैं।
 पर्वतजन की जानकारी के अनुसार भाजपा नेताओं की शिकायत का संज्ञान लेकर तहसीलदार ने इसकी जांच भी की थी और जनजाति विद्यालय तथा छात्रा के पूर्व विद्यालय शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य को जाति प्रमाण पत्रों के साथ अपने सम्मुख तलब किया था।
 हालांकि जांच में उन्होंने क्या पाया यह अभी साफ नहीं है। एकलव्य विद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि विद्यालय स्तर पर बचना की पुत्री को निकालने के विषय में अभी कोई कार्यवाही नहीं हुई है और प्रमाणपत्रों के अनुसार बचना तथा उनकी पुत्री जनजाति की श्रेणी में है। लिहाजा विद्यालय के स्तर पर ऐसी कोई कार्यवाही नहीं होने जा रही।
जब प्रमुख अखबारों ने भी नही सुनी तो भाजपा नेताओं के प्रभावशाली होने के खौफ से बचना शर्मा ने पर्वतजन की शरण ली और अनुरोध किया कि यदि उनका विषय मीडिया में नहीं उठाया गया तो वह दो दिन बाद ही आत्महत्या कर लेगी।
इस संबंध में गीताराम गौड़ का का कहना है कि महिला का पति तमिलनाडु का रहने वाला है और वर्तमान में दिल्ली में रहता है। तथा महिला अभी भी उससे संपर्क में है और उससे पैसे भी लेती रहती है। गीता राम गौड़  दावा करते हैं कि उनके पास महिला की उनसे  बातचीत की कॉल डिटेल भी है। हालाांकि बचना का कहना है कि उन्हें पता नहीं कि सेलोराज कहां का रहने वाला था और वर्तमान में कहां है। बहरहाल बचना शर्मा अपनी फरियाद लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह तथा कांग्रेस नेता आजाद अली से भी मिली। उन्होंने भी महिला को सुरक्षा का आश्वासन दिया है। बचना शर्मा कहती हैं कि वह अपनी फरियाद लेकर जिलाधिकारी के पास भी गई थी और महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्य से भी मिल चुकी है। किंतु उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।
 उत्तराखंड के प्रखर न्यूज़ पोर्टल ‘जागो उत्तराखंड’ द्वारा पर्वतजन को उपलब्ध कराई गई। इसका संज्ञान लेकर  मुख्य सचिव ने भी जिलाधिकारी को कार्यवाही करने के लिए कहा है।
 बचना कहती है कि एक ओर केंद्र सरकार ‘बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ’ के अभियान चला रही है तो वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड में भाजपा के ही नेता प्रधानमंत्री की मुहिम को पलीता लगा रहे हैं।
गीता राम  का कहना है कि महिला का भाई गांव में ग्राम प्रधान है तथा उनसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रखते हैं। गीता राम गौड़ कहते हैं कि  उन्होंने  महिला की कहीं कोई शिकायत नहीं की है। गौड़ ने बचना के आरोपों को बेबुनियाद बताया है। सुशील गौड़ द्वारा उपलब्ध कराए गए परिवार रजिस्टर, खसरा खतौनी सरीखे दस्तावेजों के अनुसार बचना का पूर्व पति एम सेलोराज तमिलनाडु का निवासी था। SDM चकराता की जांच रिपोर्ट के अनुसार भी गीता राम के खिलाफ बचना की शिकायतें निराधार पाई गई हैं।
अनुसूचित जनजाति आयोग ने भी इस मामले में एक जांच बिठाई है, जिसमें बचना की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे में बचना को यह डर सता रहा है कि उनकी बच्ची को जनजाति विद्यालय से निकाला जा सकता है और उनका जन जाति प्रमाण पत्र भी निरस्त हो सकता है।
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