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राजनीति

भय और भ्रष्टाचार, अबकी बार भाजपा सरकार!

सत्ता में आने के दो माह पूरे होने से पहले एक ओर भाजपा सरकार किसी भी प्रकार के विवाद से बचने का प्रयास करती हुई धीमी गति से आगे बढ़ रही है, वहीं भाजपा संगठन के पदाधिकारी सत्ता के नशे में कहीं रेप, कहीं धमकी, कहीं तस्करी के लिए सुर्खियों में आ रहे हैं

शिव प्रसाद सेमवाल

”कल यदि तू अपने स्कूल में आया तो मैं जान से मार दूंगा”

ये शब्द किसी गुंडे मवाली के नहीं, बल्कि भय और भ्रष्टाचारमुक्त शासन का वायदा करके प्रचंड बहुमत प्राप्त करने वाली भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष मान्यवर आलोक द्विवेदी के हैं।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय लालढांग हरिद्वार के प्रधानाचार्य ने आलोक द्विवेदी के खिलाफ इन्हीं शब्दों में धमकाने का आरोप लगाते हुए कोटद्वार के थानेदार को तहरीर दी है।
भय और भ्रष्टाचार से मुक्ति देने से संबंधित नारों से पुती दीवारों का रंग अभी हल्का भी नहीं हुआ है। प्रचंड जीत के बाद अभिनंदन समारोहों की फूलमालाओं के रंग अभी कुर्तों से धुले तक नहीं हैं, लेकिन दो महीनों में यह कोई पहला मामला नहीं है, जब भाजपा पदाधिकारियों की गुंडई और दबंगई देखने को मिली हो।
चंद रोज पहले खटीमा में भाजपा नेता देवेंद्र चन्द्र पर भी दुराचार का मामला दर्ज किया जा चुका है। हरिद्वार में तो मुख्य शिक्षा अधिकारी पुष्पारानी वर्मा ने भाजपा नेता नवनीत परमार पर छेड़छाड़ और अश्लील हरकतों का मामला दर्ज कराया है। हरिद्वार में ही शराब तस्करी में भाजपा नेत्री के पुत्र के पकड़े जाने के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के लिए भी सफाई में दो शब्द कहना भारी पड़ गया है।
भय और भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने का वायदा करके सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी के मुखौटे का रंग-रोगन दो महीने में ही उतरने लगा है। नौबत यह आ गई है कि भाजपा का प्रदेश स्तरीय नेतृत्व कहीं सफाई देते फिर रहा है, कहीं दामन बचाते हुए निकल रहा है तो कहीं साफ पल्ला झाडऩे में लगा है। भाजपा के नेता आए दिन छोटी-छोटी बातों पर अहम की तुष्टि के लिए सरेआम सरेराह आम जनता को धमकाने लगे हैं।

दुराचार के केस में फंसे भाजपाई

सरकार बने हुए जुम्मा-जुम्मा दो माह भी नहीं हुए थे कि ऊधमसिंहनगर के खटीमा में ९ मई को एक महिला ने भाजपा नेता देवेंद्र चन्द्र पर दुराचार के प्रयास का मुकदमा दर्ज करा लिया। देवेंद्र चन्द्र श्रीपुर बिछुवा का रहने वाला है। देवेंद्र चन्द्र ने वर्ष २०१२ में कांग्रेस के टिकट पर खटीमा विधानसभा से चुनाव लड़ा था। हालांकि इस बार कांग्रेस ने खटीमा से देवेंद्र चन्द्र को टिकट नहीं दिया तो वह भाजपा में शामिल हो गया। भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद भी देवेंद्र ने अपने रंग-ढंग नहीं बदले। जिस महिला ने देंवेंद्र चन्द्र पर दुराचार के प्रयास का मुकदमा दर्ज कराया, वह घर में अकेली रहती थी और उसका पति दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता था। मौका देखकर देवेंद्र चन्द्र ने महिला से नजदीकियां बढ़ाई और उसके पड़ोसी के पुत्र को सहकारिता विभाग में पक्की नियुक्ति देने के एवज में ७ लाख रुपए भी ले लिए। महिला की पड़ोसी का पुत्र सहकारिता विभाग में अस्थाई रूप से तैनात है।
देंवेंद्र चन्द्र कई बार महिला के अकेले रहने पर जबरन घर में घुसकर छेड़छाड़ करता था। जब महिला ने पति को इस मामले से अवगत कराया तो उन्होंने कमरे में सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया था। महिला

bjpaashis

ने पुलिस को सीसीटीवी कैमरे के समस्त रिकार्ड सौंप दिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मामले के राजनीतिक रंग लेते ही भाजपा नेताओं ने देवेंद्र चन्द्र से किनारे कर लिया।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी, प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति गैरोला, महामंत्री नरेश बंसल, मीडिया प्रभारी देवेंद्र भसीन सहित सहप्रभारी बलजीत सोनी आदि ने देहरादून में प्रेस कांफ्रेंस करके इस बात से अपने दामन बचाने का प्रयास किया और कहा कि कांग्रेस जान-बूझकर भाजपा को बदनाम कर रही है।
देवेंद्र चन्द्र का नाम खटीमा के एक राइस मिलर से रंगदारी मांगने के प्रकरण में भी उछला था। देवेंद्र चन्द्र का कुछ समय पहले एक राइस मिल मालिक से चुनाव के लिए दो लाख रुपए मांगने के लिए तरह-तरह से दबाव डालने का ऑडियो भी सामने आया था। यह मामला विधानसभा में भी उठा। जब यह मामला विधानसभा में उठा तो भाजपा ने सोचा कि ऑडियो कोई खास सबूत न होने पर चुप रहना ही बेहतर है, किंतु जब इसी नेता पर यौन उत्पीडऩ का मामला दर्ज हुआ तो भाजपा साफ कह गई कि देवेंद्र चन्द्र से भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है।
बड़ा सवाल यह है कि यदि भाजपा से देवेंद्र चन्द्र का वाकई कोई लेना-देना नहीं था तो विधानसभा में देवेंद्र चन्द्र पर उठे सवालों पर उसने तभी पल्ला क्यों नहीं झाड़ा?
भाजपा प्रवक्ता सुरेश जोशी ने बचाव करते हुए कहा कि जिला स्तर से मंगवाई गई रिपोर्ट के अनुसार देवेंद्र चन्द्र भाजपा का सदस्य नहीं है। उधर देवेंद्र चन्द्र ने भी अपने बचाव में कहा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं और उसे षडयंत्र के तहत फंसाया गया है।
हकीकत यही है कि देवेंद्र चन्द्र चुनाव से पहले २ फरवरी को यशपाल आर्य की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुआ था। कांग्रेस के प्रवक्ता मथुरादत्त जोशी ने देवेंद्र चन्द्र को भाजपा का नेता बताते हुए बाकायदा उसकी भाजपा में सदस्यता लेने के दौरान की फोटो भी जारी किए।

शराब तस्करी में उतरे भाजपाई

सत्ता में आने के बाद भाजपा के कार्यकर्ता सरकार की फजीहत कराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उत्तराखंड के मैदानी जिलों में तो हालत सबसे ज्यादा खराब है। सरकार शराब के राजस्व पर निर्भरता घटा रही है और इस वर्ष शराब की दुकानों की संख्या को कम करने से लेकर ठेके खुले रहने के समय में भी भारी कटौती करने के साथ ही सरकार ने खपत कम करने के लिहाज से शराब के दाम भी बढ़ा दिए हैं, किंतु भाजपा के नेता हैं कि ड्राई एरिया में भी कहीं शराब की कमी न हो पाए, यह सुनिश्चित करने में लगे हुए हैं।
हरिद्वार में पुलिस की रुटीन चैकिंग के दौरान भाजपा नेत्री पूनम झा के बेटे आशीष झा और उसके दोस्त सागर को पुलिस ने शराब तस्करी के प्रकरण में रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। ये दोनों आरोपी सेंट्रो कार में ६ पेटी अंग्रेजी शराब ले जा रहे थे। जैसे ही पुलिस इन्हें कोतवाली लेकर पहुंचे, भाजपा नेत्री भी थाने में पहुंच गई और सत्ता की हनक दिखाते हुए जमकर हंगामा काटा। पुलिस का कहना है कि ये लोग हरिद्वार के हरिपुरकलां क्षेत्र में शराब की तस्करी करते थे। पहले भी ये लोग तस्करी में लिप्त रहे हैं और इस बार भी उनका इरादा वहीं शराब की बड़ी खेप पहुंचाने का था।

हरिद्वार में भी मजनू बने भाजपाई

खटीमा में भाजपा नेता की दबंगई से अभी पार्टी उबर भी नहीं पाई थी कि हरिद्वार में प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. पुष्पारानी वर्मा ने भाजपा नेता नवनीत परमार पर छेड़छाड़ और मारपीट की शिकायत पुलिस में दर्ज करा दी। भाजपा नेता नवनीत परमार गुरुकुल कांगड़ी विद्यालय का सहायक अधिष्ठाता भी है।
९ मई को नवनीत परमार एक स्कूल में जबरन प्रबंध संचालक को हथियाने के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी के पास काउंटर साइन कराने गया था। हरिराम इंटर कालेज के प्रधानाचार्य एके शर्मा पहले ही डा. पुष्पारानी वर्मा को जानकारी दे चुके थे कि कुछ लोग अवैध तरीके से कालेज में हस्तक्षेप कर रहे हैं। प्रधानाचार्य ने मुख्य शिक्षा अधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप करने के लिए मदद मांगी थी। प्रधानाचार्य ने सीईओ डा. वर्मा को इस मामले की जांच करके कार्यवाही करने का अनुरोध भी किया था। जब नवनीत परमार मुख्य शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में काउंटर साइन कराने के लिए गया तो सीईओ ने उससे कालेज की प्रबंध समिति का मूल प्रस्ताव और हाईकोर्ट का आदेश दिखाने के लिए कहा। इस बात पर नवनीत परमार भड़क गया और महिला अधिकारी से जमकर अभद्रता की। भाजपा नेता की दबंगई से आहत होकर सीईओ ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

सड़कों पर भाजपा का जलवा

देहरादून में १० मई बुधवार की सुबह धर्मपुर के पास ट्यूशन पढऩे जा रहे एक छात्र श्रींखल नेगी को तेज रफ्तार स्कार्पियो ने टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद स्कार्पियो चालक ने गाड़ी बैक की और बिना रुके गाड़ी भगा ले गया।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पता चला कि गाड़ी भाजपा के दबंग विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन के पिता और पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह के नाम पर पंजीकृत है। सड़क पर एक्सीडेंट हो जाना कोई नई बात नहीं है, किंतु यह भाजपा के सत्ता में होने का हैंगओवर नहीं है तो क्या है कि तेज रफ्तार चालक गाड़ी रोकने के बजाय तेजी से भगा ले गया। घटनास्थल पर प्रत्यक्षदर्शियों ने जिस गाड़ी नंबर द्वारा दुर्घटना होने की जानकारी दी, वह कुंवर प्रणव की पत्नी देवयानी के नाम पर दर्ज है, जबकि बाद में पुलिसिया जांच में पाई गई गाड़ी कुंवर प्रणव के पिता के नाम पर दर्ज स्कार्पियो निकली।

दबंगों के साथ में खड़ी भाजपा

एक माह पहले सचिवालय में अनुभाग अधिकारी सुधीर चौधरी की गाड़ी ईसी रोड पर खड़ी थी। इसी बीच उनसे आगे एक व्यक्ति ने अपनी गाड़ी को बैक करते हुए श्री चौधरी की गाड़ी को टक्कर मार दी और दोनों दरवाजे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिए। जब सुधीर चौधरी ने उस व्यक्ति से गाड़ी में हुए नुकसान की मरम्मत करने अथवा भरपाई करने को कहा तो वह व्यक्ति दबंगई पर उतर आया। सुधीर चौधरी ने नजदीकी आराघर स्थित पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज की तो वहां पर मौजूद अधिकारी तत्काल कार्यवाही करने के लिए तत्पर हो गए, किंतु इसी बीच पुलिस अधिकारी के मोबाइल पर एक फोन आया और अधिकारी बिल्कुल सुस्त पड़ गया। उल्टा श्री चौधरी को मामले को निपटाने की बात कहने लगा। पता चला कि यह फोन भाजपा के महामंत्री नरेश बंसल का था।
नरेश बंसल ने उल्टे श्री चौधरी को धमकाते हुए कहा कि तुम सरकारी अधिकारी हो, चुपचाप क्लेम लेकर गाड़ी ठीक करा लो। जब चौधरी ने आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि सरकार तो गलत लोगों को रोकने के लिए और सही को संरक्षण देने के लिए होती है। ऐसे में आप गलत कार्य की पैरवी क्यों कर रहे हो? फोन के दूसरी ओर से बंसल ने उन्हें अच्छी तरह समझा दिया कि टक्कर मारने वाला व्यक्ति उनका रिश्तेदार है और अब सरकार हमारी है।
श्री चौधरी डर गए और सोचने लगे वाकई सरकार तो भाजपा की ही है और पानी में रहकर मगर से बैर करना ठीक नहीं है। श्री चौधरी ने मुकदमा तो दर्ज करा दिया, किंतु भाजपा के महामंत्री के दबाव में परिणाम यह है कि पुलिस की कार्यवाही शून्य है और गाड़ी वर्कशॉप में एक महीने से खड़ी है।

पत्रकारों की पिटाई में भाजपाई

ऊधमसिंहनगर के सितारगंज में एक महिला सगुना देवी ने पड़ोसी भाजपा नेता ने तलवार से हमला करने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी थी।
महिला का कहना था कि हथियारबंद इस भाजपा नेता ने जबरन घर में घुसकर हाथापाई की। इससे नाराज होकर भाजपा के व्यापार मंडल अध्यक्ष और अन्य भाजपा नेता कोतवाली पहुंचकर महिला को डरा-धमकाकर समझौता करने का दबाव बनाने ल

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गे। कोतवाली में मौजूद रवि रस्तोगी नाम के पत्रकार ने इस हंगामे की फोटो खींची तो भाजपा नेता पुलिस के सामने ही पत्रकार को पीटने लगे।
अंदाज देखिए कि पुलिस के सामने ही भाजपा नेता हुंकार भरते रहे कि अब हमारी सरकार है, अब पत्रकार हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की। यहां तक कि मेडिकल कराने से भी इंकार कर दिया।
बड़ा सवाल यह है कि भाजपा नेता प्रचंड बहुमत से जीतने के बाद जिम्मेदारी और संयम का परिचय देने के बजाय उन्मादी होकर सरकार की फजीहत करा रहे हैं। यदि इस पर जल्दी ही लगाम नहीं लगी तो सरकार चाहे कितने ही विकास कार्य करने के दावे क्यों न करे, भाजपा को अलोकप्रिय बनने में देर नहीं लगेगी।

”भाजपा भय और भ्रष्टाचार से मुक्ति की बात करके सत्ता में आई थी, लेकिन भाजपा के नेता जगह-जगह गुंडई और दबंगई करके भय और भ्रष्टाचार का राज कायम कर रहे हैं। ”
– मथुरादत्त जोशी
मुख्य प्रवक्ता, कांग्रेस उत्तराखंड

अध्यापकों पर भाजपाई आफत

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प्रचंड बहुमत से सत्ता में आई अपनी पार्टी के हैंगओवर में भाजपाई नेता दबंगई पर उतर आए हैं। राजकीय प्राथमिक विद्यालय लालढांग हरिद्वार के प्रधानाध्यापक सुभाष चन्द्र सिंह ने भी भाजपा के मंडल अध्यक्ष आलोक द्विवेदी के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि आलोक द्विवेदी ने उन्हें विद्यालय आने से मना किया है और धमकाया कि यदि तू स्कूल आया तो मैं जान से मार दूंगा, क्योंकि तू तबादले के बाद से अपना चार्ज नहीं दे रहा है।
प्रधानाध्यापक सुभाष चन्द्र का तबादला लालढांग से हो गया था, किंतु वह कोर्ट के आदेश से विद्यालय छोड़ नहीं पाए थे। संभवत: भाजपा नेता इस स्कूल में अपने किसी चहेते को लाना चाह रहे थे। इस पर भाजपा के मंडल अध्यक्ष आलोक द्विवेदी ने अध्यापक को स्कूल आने पर जान से मारने की धमकी दे दी। सुभाषचन्द्र मूल रूप से कोटद्वार के जसोदपुर गांव के निवासी हैं और तब से अत्यंत डरे हुए हैं।

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