एक्सक्लूसिव

मंत्री से पहले मुख्यमंत्री ने भंग की गोपनीयता!

इन दिनों देशभर में लीकेज पर चर्चा चरम पर है। लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते थे कि यदि भारत में लीकेज की समस्या समाप्त हो जाए तो 80 प्रतिशत भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा, किंतु अब उन्हीं की सरकार दिल्ली से लेकर देहरादून तक घिर गई है।

6 अप्रैल 2018 को सरकारी प्रवक्ता व सूबे के काबीना मंत्री मदन कौशिक ने खुद साबित कर दिया कि आज की कैबिनेट बैठक का एजेंडा आयुर्वेदिक के छात्रों को पहले से ही मालूम हो गया था। इसी कारण वे छात्र कैबिनेट ब्रीफिंग में पहुंच गए थे। मुख्यमंत्री और मंत्री पद की शपथ के साथ पद और गोपनीयता की शपथ लेने वाले मंत्री आखिर कैसे कैबिनेट में आने वाले विषयों को लीक कर रहे हैं, यह गंभीर सवाल है।


मदन कौशिक का अभी तक इस लीकेज पर कोई जवाब नहीं आया, किंतु इस बीच ज्ञात हुआ कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ रोज सुबह मुख्यमंत्री निवास में बैडमिंटन खेलने वाले संजय गुप्ता, जो कि डिस्ट्रिक्ट बैडमिंटन एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष हैं, ने 6 अप्रैल की सुबह 9 बजकर 23 मिनट पर अपने फेसबुक पेज पर कैबिनेट की बैठक का एजेंडा ब्रेक कर दिया था। संजय गुप्ता ने लिखा,- ”माननीय सीएम यूके श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी के साथ दून होटल ऑनर्स एसोएिएशन की मीटिंग में उन्होंने होटल ऑनर्स को बार फीस कम करने का आश्वासन दिया। उत्तराखंड में टूरिज्म को बढ़ाने के बारे में भी चर्चा की।”


संजय गुप्ता द्वारा कही गई बात शाम को कैबिनेट ब्रीफिंग के बाद तब सच साबित हो गई, जब डबल इंजन सरकार में बार फीस 5 लाख से घटाकर 3 लाख कर संजय गुप्ता की बात पर मुहर लगा दी। एक ओर कैबिनेट बैठकों से संबंधित खबरों के लीकेज का हवाला देकर सचिवालय के पत्रकारों के पास पिछले चार महीनों से नहीं बनाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर काबीना मंत्री और मुख्यमंत्री खुद कैबिनेट बैठकों का एजेंडा न सिर्फ किचन कैबिनेट के साथ, बल्कि कई लोगों के साथ लीक कर रहे हैं।


सवाल यह है कि जब पद और गोपनीयता की शपथ लेकर त्रिवेंद्र रावत और मदन कौशिक दोनों अपने पदों की गरिमा नहीं रख रहे हैं तो सिपहसालारों और किचन कैबिनेट का नियंत्रण से बाहर होना स्वाभाविक है। देखना है कि इस खबर के बाद मुख्यमंत्री और मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ का भविष्य में कितना पालन करते हैं।

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