nit 2
nit 2
राजनीति

…तो एनआईटी को लेकर झूठ बोल रही सरकार!

जगमोहन रौतेला 

राष्ट्रीय तकनीकी संस्थान ( एनआईटी ) पौड़ी के परिसर निर्माण को लेकर आजकल जमकर राजनीति हो रही है . स्थानीय लोग चाहते हैं कि परिसर का निर्माण पौड़ी के सुमाड़ी क्षेत्र में ही हो , लेकिन केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मन्त्रालय व संस्थान के छात्र परिसर को अन्यत्र ले जाने के पक्षधर हैं . छात्र तोे पिछले 20 अगस्त 2017 से श्रीनगर ( पौड़ी ) में अपनी कुछ मॉगों को लेकर आन्दोलन कर रहे हैं l आन्दोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मॉग संस्थान का स्थाई परिसर बनाए जाने के साथ ही संस्थान को मैदानी क्षेत्र हरिद्वार , ऋषिकेश या देहरादून स्थानान्तरित करने की भी है | जो कई तरह के

nit 3
nit 3

सवाल खड़े कर रही है | परिसर निर्माण की तो मॉग सही है , क्योंकि एनआईटी पिछले सात सालों से श्रीनगर के राजकीय पॉलिटैक्निक में अस्थाई रुप से चल रहा है  | संस्थान का अपना कोई भवन न होने से छात्रों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है |

      अपनी मॉगों के लिए आन्दोलन करना कोई बुरी बात नहीं है , लेकिन परिसर निर्माण की मॉग के साथ ही संस्थान को मैदानी क्षेत्र में स्थानान्तरित करने की मॉग से समझ आता है कि संस्थान के छात्र आन्दोलन के पीछे कौन लोग हैं ? और वे क्या चाहते हैं ? आन्दोलन कर रहे छात्रों से बात करने के लिए गत 24 अगस्त 2017 को केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मन्त्रालय के अपर सचिव के. राजन श्रीनगर पहुँचे | तब उन्होंने कहा कि सुमाड़ी की जमीन निर्माण के लिए उपयुक्त  नहीं पाई गई , लिहाजा वहॉ संस्थान के परिसर का निर्माण नहीं होगा | प्रदेश सरकार जहॉ भी जमीन उपलब्ध करा देगी , वहीं परिसर का निर्माण किया जाएगा | उन्होंने फिलहाल परिसर के स्थानान्तरण की सम्भावना को खारिज तो किया , पर इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं की कि संस्थान को मैदानी क्षेत्र में ले जाने की कोई योजना है क्या ?

      एक ओर मानव संसाधन विकास मन्त्रालय के अपर सचिव पौड़ी के सुमाड़ी क्षेत्र की जमीन को एनआईटी के परिसर निर्माण के लिए तकनिकी रुप से अयोग्य बता चुके हैं , वहीं प्रदेश के अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने गत 28 अगस्त 2017 को कहा कि एनआईटी दूसरी जगह स्थानान्तरित नहीं होगा . सुमाड़ी में ही परिसर का निर्माण होगा . प्रदेश सरकार की ओर से इस तरह का बयान सम्भवत: जनदबाव के बाद दिया गया लगता है . उल्लेखनीय है कि गत 28 अगस्त को ही एनआईटी परिसर के कथित स्थानान्तरण के विरोध में श्रीनगर ( गढ़वाल ) बाजार अभूतपूर्व रुप से बंद रहा . पूर्व मुख्यमन्त्री व गढ़वाल ( पौड़ी ) के सांसद भुवन चन्द्र खण्डूड़ी भी संस्थान के

nit 4
nit 4

स्थानान्तरण की चर्चाओं पर विरोध जता चुके हैं . इस मामले में पहले चुप्पी साधे रही सरकार को इसके बाद अपनी चुप्पी तोड़नी पड़ी है . सरकार ने भले ही इस मामले में चुप्पी तोड़ी हो , लेकिन इसके बाद भी लोगों में अभी तक आशंका बनी हुई है . उसका कारण यह है कि एनआईटी केन्द्र सरकार के मानव संसाधन विकास मन्त्रालय के अधीन है और परिसर निर्माण के लिए भी बजट केन्द्र सरकार ही दे रही है . प्रदेश सरकार ने संस्थान के लिए केवल जमीन ही उपलब्ध कराई है .

       प्रदेश सरकार के बयान से मात्र चार दिन पहले ही केन्द्र के अपर सचिव ने सुमाड़ी में परिसर निर्माण न किए जाने का बयान दिया था . इससे इतना तो साफ है कि इस मामले में प्रदेश सरकार व केन्द्र के मानव संसाधन विकास मन्त्रालय के बीच कोई तालमेल नहीं है . केन्द्र के अपर सचिव श्रीनगर  आन्दोलन कर रहे छात्रों से बातचीत करने पहुँचे थे . छात्रों के साथ उनकी क्या बातचीत हुई ? इस बारे में भी राज्य के तकनीकी शिक्षा विभाग को कोई जानकारी नहीं है . इससे यह भी पता चलता है कि एनआईटी के परिसर को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से जो सफाई पेश की गई है , उसमें जमीनी हकीकत कम ही है . केन्द्र व प्रदेश सरकार के परस्पर विरोधी बयानों से यह तो तय है कि एनआईटी के परिसर निर्माण का मामला अभी सुलझने वाला नहीं है और इसमें और राजनीति होनी है |

Parvatjan Android App

Video

Muslim Beaten for Celebrating Independence Day

Get Email: Subscribe Parvatjan

%d bloggers like this: