Uncategorized एक्सक्लूसिव सियासत

फार्मासिस्ट बना सकते हैं दो संगठन !

यूनियन के द्विवार्षिक चुनाव आज
 पहली बार उप केंद्र में तैनात फार्मेसिस्टों को नहीं मिला वोट का अधिकार ।
अधिवेशन के बाद वोट के अधिकार को लेकर चुनाव के दौरान हो सकता है विवाद।
गिरोश गैरोला
 उत्तरकाशी जिला फार्मासिस्ट संघ का चुनाव आज के द्विवार्षिक अधिवेशन के बाद संपन्न होना है। यह पहला मौका है जब उस केंद्र में तैनात फार्मासिस्टों को वोट का अधिकार नहीं दिया गया है। वरिष्ठ फार्मेसी अधिकारी अनिल उनियाल ने बताया कि उपकेंद्र में तैनात फार्मेसिस्टों द्वारा संघ के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की गई थी। जिसके बाद इन लोगों को सबक सिखाने के उद्देश्य से इन्हें संगठन से बहिष्कृत कर दिया गया है।
 हालांकि उन्होंने माना कि कुछ चंद लोगों के वजह से फार्मासिस्ट यूनियन में गुटबाजी सामने आ रही है, लिहाजा उन्होंने एक प्रस्ताव के माध्यम से कुछ मासूम लोगों को संगठन में वापस लेने का बात कही है उन्होंने यह भी कहा कि कुछ चंद लोग जो संगठन के खिलाफ अनर्गल बयानबाजी करते हैं उन्हें आजीवन संगठन से बहिष्कृत कर दिया जाना चाहिए।
 वहीं दूसरी ओर यूनियन के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष गिरीश भूषण नौटियाल ने बताया कि इस वक्त प्रदेशभर में 539 उप केंद्र में तैनात फार्मेसिस्टों को चुनाव में वोटिंग का अधिकार से वंचित किया गया है इस पर आपत्ति जताते हुए श्री नौटियाल ने कहा कि प्रदेश भर में 4 लोगों के बयान बाजी को लेकर 535 फार्मासिस्टों को उनके वोट के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है। उन्होंने रसीद दिखाते हुए बताया कि वह प्रदेश में पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं इसलिए आज भी संगठन के आजीवन सदस्य हैं ।
उन्होंने बताया अक्टूबर 2016 में हरिद्वार में एक बैठक के बाद 4 लोगों द्वारा अनर्गल  बयानबाजी  के बाद उन्हें बहिस्कृत करने का फैसला लिया गया था।उन्होंने आरोप लगाया कि 5 मई 2013 को बागेश्वर जनपद में जिस संयोजक मंडल का चुनाव 2 वर्ष के कार्यकाल के लिए ही हुआ था और जिसे विशेष परिस्थितियों में केवल 6 महीने बढ़ाने की अनुमति दी गई थी इस लिहाज से वर्तमान संयोजक मंडल गैरकानूनी है ।श्री नौटियाल ने आरोप लगाया कि संगठन में ज्यादातर लोग चार 6 महीने में सेवानिवृत्त होने वाले हैं और यह लोग चुनाव जीतकर वे पदाधिकारी बन कर सेवानिवृत होना चाहते हैं । पूर्व के प्रदेश संगठन के चुनाव में उप केंद्र में तैनात फार्मासिस्टों द्वारा बेहतरीन योगदान दिया जाता रहा है। उनकी कोशिश है की उप केंद्र में तैनात में तैनात फार्मासिस्टों को भी वोट का अधिकार दिया जाए अन्यथा चुनाव के दौरान विवाद होना लाजमी है और जनपद मे दो-दो संगठन बनने तय है।

Parvatjan Android App

ad

Video

Muslim Beaten for Celebrating Independence Day

Get Email: Subscribe Parvatjan

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: