पहाड़ों की हकीकत राजनीति

उत्तरकाशी के ग्रामीण उठा रहे स्मार्ट गांव की आवाज

स्मार्ट सिटी नहीं स्मार्ट गांव बनाओ 
डीएम ऑफिस मे ग्रामीणों का धरना शुरू  
गिरीश गैरोला
 कांग्रेस के भरपूर प्रयासों के बाद भी नगर पालिका विस्तार के विरोध की चिंगारी जब बुझने की कगार पर पंहुच गयी तो उत्तरकाशी के डांग गांव के ग्रामीणों ने इसे अब अपने हाथों मे ले लिया।
 डांग गांव मे महापंचायत के बाद नगर पालिका मे जबरन शामिल किए जाने  वाले 16 गांव के ग्रामीण नगर की मुख्य सड़कों  से गुरजते हुए कलेक्ट्रेट पंहुचे और डीएम के माध्यम ज्ञापन देकर अपना विरोध दर्ज किया , साथ ही मांग पूरी होने तक धरने पर ही डटे  रहने की भी घोषणा कर दी।
 इस  दौरान ग्रामीणों ने अपने नेताओं पर जमकर भड़ास निकाली।
गांव के ही अभिषेक जगूड़ी ने बताया कि ग्रामीणों की  इस लड़ाई को जिन नेताओ के अगुवाई मे लड़ा जाना चाहिए था, वो शांत बैठे हैं। उन्होने  नेता और जनप्रतिनिधि नकारा बताया इसलिए अपने धरने को गैर राजनैतिक ढंग से ही आगे चलाने की बात कही। अपने नेताओ पर इस प्रकार की  टिप्पणी करने पर जब कुछ राज नैतिक दल के कार्यकर्ताओं ने टोका–टाकी की तो ग्रामीण भड़क गए और उन्होने मंच से ही राजनीति बीच मे न लाने की चेतावनी दी।
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता एन डी जगूड़ी ने सरकार को ग्राम पंचायत को मजबूत करने की सलाह दी उन्होने कहा कि आज के दौर मे शहरों को स्मार्ट बनाए जाने की  बजाय गांव को स्मार्ट बनाने की जरूरत है। क्योंकि भारत गांवों का देश है। उन्होने नगर पालिका मे व्याप्त अव्यवस्था पर जमकर भड़ास निकाली और गांव मे रहने की वकालत की।
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