पहाड़ों की हकीकत

आबकारी के नियम कायदों को ठेंगा दिखा रहे ठेका-गोदाम

सेल्समैन देते हैं भरोसा, नहीं होगी कोई कार्रवाई

अनुज नेगी

पौड़ी। एक और आबकारी विभाग को शराब बेचने के लिये ठेकेदार नही मिल रहे, वहीं दूसरी ओर आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत से खुलकर अवैध शराब बेची जा रही है। जिसके कारण राजस्व को करोड़ो रूपये का नुकसान हो रहा है।


जनपद पौड़ी के सभी सरकारी शराब की दुकानों में शराब गोदामों को भी दुकानों की तरह चलाया जा रहा है। जनपद पौड़ी के सभी शराब लाइसेंसधारी दो-दो ब्रांच चला रहे हैं, लेकिन विभाग की उदासीनता से इन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। जनपद पौड़ी के सर्किट हाउस, कोटद्वार, दुगड्डा, कंडाखाल, पाटीसैंण, सेडियाखाल, सतपुली, खिर्स, गुमखाल, सिलोगी, चेलुसैण, पंया(नीलकंठ) सहित कई जगह गोदामो से दूसरे बाज़ारो में धड़ल्ले से शराब बेचने के साथ ही एक लाइसेंस पर ब्रांच चल रही हैं।


आप को बता दे आबकारी नियम अनुसार गोदाम से शराब बेचना तो दूर, शराब की पेटी को खोल तक नहीं सकते, लेकिन सारे नियम कायदे ताक पर रखे जा रहे हैं।
आप को बता दें कि जिले के अधिकांश बाज़ारों में नियमों को ताक पर रख कर अवैध शराब बेची जा रही है। बड़ा फ्रिज और ठीक दुकान की तरह शराब की बोतलें सजा रखी हैं।
जब मौजूद दुकान के सेल्समैन से पूछा तो उसने विभाग की सांठगांठ से चलाने का आरोप लगाया है।

क्या है नियम

एक लाइसेंस पर एक ही दुकान चलाई जा सकती है। दूसरा ब्रांच नहीं खोल सकते। ऐसा करने पर लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। गोदाम से एक किमी दायरे में ही दुकान होनी चाहिए। सुबह दस बजे से पहले और रात दस बजे के बाद शराब नहीं बेच सकते। एमआरपी से ज्यादा वसूल नहीं कर सकते। शराब के अलावा कुछ नहीं बेच सकते। शराब की दुकान में बिल मशीन व सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगे हो।

“शराब गोदाम से किसी भी प्रकार से शराब सप्लाई नहीं की जा सकती। अगर गोदामों से शराब सप्लाई की जा रही है तो इसकी जांच की जायेगी और अगर जांच में अनियमितता पाई गई तो गोदाम निरस्त किया जायेगा।”

डॉ. शिव कुमार बरनवाल, अपर जिला अधिकारी पौड़ी

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