अपराध खुलासा

बैड न्यूज : भाजपा नेताओं ने हड़पी गरीब महिला की जमीन ! पुलिस प्रशासन के बीच महिला का बना फुटबाॅल

मनाेज नाैडियाल /काेटद्वार
भारतीय जनता पार्टी कोटद्वार के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र बिष्ट व महेन्द्र सिंह बिष्ट पर एक गरीब महिला सुनीता रतूड़ी की जमीन कब्जाने का आरोप लगाया है।
इस महिला ने यह जमीन वर्ष 2011 में खरीदी थी और वर्ष 2017 में इस जमीन पर मकान बनाने जा रही थी, लेकिन भाजपा जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बिष्ट इस जमीन पर महिला को निर्माण नहीं करने दे रहा था।
तब से यह महिला कोटद्वार थाने और तहसील मुख्यालय के चक्कर काट रही है लेकिन भाजपा के दबाव में शासन प्रशासन महिला की कोई मदद नहीं कर पा रहा है।


भाजपा नेताओं की इस करतूत के कारण पूरे कोटद्वार में भाजपा के प्रति लोगों में गुस्सा पनप रहा है। सुनीता रतूड़ी ने बताया कि “मेरे व मेरे पति के द्वारा मानपुर में 850 व 1700 वर्गफुट भूमि अलग अलग खरीदी गयी थी। मैं अपनी इस जमीन पर दिसंबर 2018 में चारदीवारी करना चाह रही थी लेकिन महेन्द्र सिंह बिष्ट ,पार्षद विपिन्न डोबरियाल व आठ – दस कार्यकर्ता के साथ पुलिस बल लेकर आ धमके और धमकाने लगे कि आप इस भूमि पर कार्य नही करवा सकते।”
पीड़ित महिला ने बताया कि ऐसा इन्होंने भाजपा जिलाध्यक्ष पौडी शैलेंद्र सिंह बिष्ट के कहने पर किया जोकि पूर्व से ही मेरी भूमि को हड़पने के लिए पुलिस व प्रशासन का राजनैतिक प्रभाव से दुरुपयोग करता आ रहा है। सुनीता रतूड़ी कहती हैं कि इन लोगों के द्वारा बार-बार जान से मारने की धमकी मिल रही है।
बहरहाल सुनीता रतूड़ी ने 11 दिसम्बर को थानाध्यक्ष से इस मामले की शिकायत की है और कहा है कि भूमाफिया उनको धमका रहे हैं और कठोर से कठोर  कार्यवाही की गुहार लगाई है ।


 प्रशासन पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का काम नहीं कर रहा है। ऐसा लग रहा है कि प्रशासन पूरी तरह से सत्ता पक्ष के जिला अध्यक्ष के दबाव में है। परिणाम स्वरूप पूर्व सैनिकों की संगठन के सदस्यों ने भाजपा जिलाध्यक्ष के विरोध में कुछ दिन पहले आंदोलन भी किया और 6 दिसंबर को पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सदस्यों ने पीड़ित परिवार के साथ मिलकर भूमि पर निर्माण का काम भी शुरू कराया था लेकिन फिर भाजयुमो के कुछ युवकों ने शाम को दोबारा से यह निर्माण कार्य ध्वस्त करा दिया।
एसएसपी पौड़ी जगतराम जोशी का कहना है कि यह मामला राजस्व विभाग से संबंधित है और पीड़ित परिवार से कहा गया है कि वह जिला अधिकारी कार्यालय अथवा उपजिलाधिकारी स्तर से जमीन को नपवा ले तथा उनके प्रतिनिधि की मौजूदगी में पुलिस पीड़ित परिवार की जमीन की बाउंड्री करा देगी।

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