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शिवभूमि मे मिलेगा ‘शंभू’ को न्याय। सीएम से यहाँ कीजिए शिकायत

 

गिरीश गैरोला 

शिव की भूमि पर पिछले 6 वर्ष से न्याय के लिए भटक रहा  शंभू।
 पूर्व मुख्यमंत्री  के आदेश भी रद्दी की टोकरी में।अब समाधान पटल पर न्याय मिलने की उम्मीद।
 डीएम आशीष चौहान  ने दिए 10 दिन में कार्यवाही का भरोसा।
तहसीलदार की जांच रिपोर्ट में फर्जी एमबी का खुलासा।
एक किमी दिखायी पाइप लाइन धरातल पर महज 15 मीटर।

आपदा की दृष्टि से जोन 5 में स्थित जनपद उत्तरकाशी में दैवी आपदाओं में क्षतिग्रस्त योजनाओं का पुनर्निर्माण कैसे होता है इसकी बानगी जनपद की गाजना पट्टी के भटियारा गांव में भटियारा पेयजल योजना को देखकर सहज ही लगाया जा सकता है।

वर्ष 2012- 13 की दैवीय आपदा मद में  क्षतिग्रस्त पेयजल योजना के निर्माण में गांव के काश्तकार शंभू प्रसाद नौटियाल के खेत की 20.6 मीटर दीवार टूट गई जिसे विभाग ने आज तक नहीं लगाया।शंभू ने तत्कालीन जल संस्थान , तहसीलदार , SDM , DM से लेकर मुख्यमंत्री तक अपनी गुहार लगाई किंतु आज तक कोई समाधान नहीं हो सका।

मुख्यमंत्री के ऑनलाइन समाधान पोर्टल पर शिकायत मिलने के बाद डीएम उत्तरकाशी डॉक्टर आशीष कुमार चौहान ने 10 दिन के अंदर कार्यवाही का भरोसा दिया है । उक्त के संबंध में 19 अप्रैल 2014 को तहसीलदार डुंडा द्वारा SDM डुंडा  को भेजी गई अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा गया है कि संरेखण के अनुसार कार्य नहीं किया गया है। चिन्हित स्थान पर पाइप लाइन मरम्मत के बजाए गाइडलाइन के विपरीत कार्य किया गया है और पुरानी दीवार पर प्लास्टर लगा कर नया दिखाने का प्रयास किया गया है । MB में 1 किलोमीटर दिखाई गई पाइपलाइन वर्तमान में केवल 15 मीटर ही पाई गई है। साथ ही  पत्र में उल्लेखित 5 लाख के व्यय  का MB में कोई उल्लेख नही मिला है । जांच रिपोर्ट में  एमबी  और निर्माण कार्य  के फोटोग्राफ्स पर संदेह व्यक्त किया गया है।

संबंधित विभागों को प्रार्थना पत्र देने के बाद भी  कार्यवाही ना होता देख काश्तकार शंभू नौटियाल ने 13 जनवरी 2015 को तत्कालीन मुख्यमंत्री को अपनी शिकायत प्रेषित की जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा महाप्रबंधक गढ़वाल जल संस्थान को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। इसके बाद  दिनांक 24 फरवरी 2015 को विकासखंड डुंडा के विकास मेले में मौजूद मुख्यमंत्री हरीश रावत के समक्ष फिर से शिकायत आने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री ने मौके पर ही तत्कालीन डीएम उत्तरकाशी को कार्यवाही के निर्देश दिए , लेकिन आज तक न तो कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई  और न ही भूमि धर के खेत की टूटी दीवार निर्मित हो सकी ।समाधान पोर्टल पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद डीएम उत्तरकाशी डॉक्टर आशीष चौहान ने 10 दिन के भीतर कार्यवाही का भरोसा दिया है।

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