एक्सक्लूसिव पहाड़ों की हकीकत

गजब :ठेकेदार ने पुल की लागत 35 से बढाई 52 करोड़।

ठेकेदार को फायदा पंहुचाने को पुल की लागत 35 करोड़ से बढाई 52 करोड़। तरीका इतना मासूम कि सब चुप !

गिरीश गैरोला 

चिन्यालीसौड़ पुल निर्माण की एक और तारीख। तारीख पर तारीख। 52 करोड़ के देवी सौड़ पुल निर्माण में आई तकनीकी खामी हुई दूर। क्यों झुके थे पुल के पाए ? विधायक केदार सिंह रावत को निर्माण दाई संस्था ने दिया भरोसा। 30 जून तक 18 तक तैयार हो जाएगा देवीसौड़ पुल।

वकील से विधायक बने नेता जी को तारीख पर तारीख, तारीख पर तारीख देते-देते अब हिंदी फीचर फिल्म के नायक की तरह चिन्यालीसौड़ की जनता भी पुल निर्माण में लगी संस्था की लेट लतीफी से आजिज आ चुकी है।

जनता की नब्ज को महसूस करते हुए यमनोत्री विधायक केदार सिंह रावत ने एक बार फिर से पुल का निरीक्षण कर एक डोज तो दे ही दिया है।  उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ तक पहुुंची टिहरी झील के विस्तार से देवीसौड़ पुल के झील में डूब जाने से जब दिचलि गमरी पट्टी के करीब 50 गांवों का संपर्क मार्ग कट गया तो आंदोलित जनता की पीड़ा समझते हुए देवी सौड़ में इसी स्थान पर बड़ा पक्का पुल निर्माण की स्वीकृति मिली। किन्तु कार्यदायी संस्था की निर्माण गति पैदल चलने वालों से भी सुस्त रही। इस दौरान जितने भी विधायक इलाके से जीते, सबको जल्दी पुल तैयार करने का टांपा देती रही।

सवाल यह है कि यदि गलती ठेकेदार की है तो इसके लिए विभाग क्यों पुल का रेट बार-बार रिवाइज कर रहा है जाहिर है कि ठेकेदार सिर्फ अपने फायदे के लिए  पुल का निर्माण जल्दी नहीं करना चाहता क्योंकि लागत बढ़ने से ठेकेदार को भी फायदा है इस पर विभाग से लेकर जनप्रतिनिधि तक खामोशी अख्तियार किए हुए हैं। यदि इस प्रकरण की इस एंगल से जांच की जाए तो विभागीय मिलीभगत का एक बड़ा कारनामा सामने आ सकता है।

विधायक यमनोत्री केदार सिंह रावत ने बताया कि जून 2011 में इस पुल निर्माण की स्वीकृति उन्ही के द्वारा दी गयी थी, जिसकी लागत तब से 17 करोड़ अधिक बढ़ चुकी है। पुल की स्वीकृति 35 करोड़ रु में निर्माण के लिए हुई थी किन्तु ठेकेदार की देरी के चलते अब इसकी लागत 52 करोड़ रु हो चुकी है। विधायक केदार ने बताया कि पूर्व में कार्यदायी संस्था ने नवम्बर 17 तक पुल निर्माण का भरोसा दिलाया था। किन्तु इसी बीच पुल में तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गयी थी। पुल के पाए झुक रहे थे और जो पैनल निर्मित किये गए थे, वे अपनी जगह पर जुड़ नही पा रहे थे। अब ये दिक्कत क्यों हुई, इसका तो पता नही किन्तु ठेकेदार ने विधायक को भरोसा दिलाया है कि अब ये दिक्कत दूर हो गयी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि फरवरी तक पुल की आर्क के 12 पैनल जुड़ जाएंगे। साथ ही ड्रम एसेम्बली का काम भी शुरु हो जाएगा। जिसके लिए मजदूरों की संख्या बढ़ाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। 31 मार्च तक ड्रम और आर्क तैयार हो जाएंगे और इसी वर्ष जून तक पुल निर्माण पूर्ण हो जाएगा।

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