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बिग ब्रेकिंग : चुनाव आयोग की गोपनीयता भंग। समर्थकों ने प्रत्याशियों को वोट डालकर ईवीएम की फोटो सोशल मीडिया पर की अपलोड

भाजपा नेताओं की बढ़ी मुश्किल। जिलाधिकारी ने जारी किए मुकदमा दर्ज करने के आदेश। आदर्श आचार संहिता की उड़ाई थी चारों ने धज्जियां। सोशल मीडिया पर ईवीएम वीवीपैट की डाली थी वोट दी हुई फोटो।
जिला महामंत्री विकास तिवारी, रवि जैसल, कुंज भसीन और एक अन्य के खिलाफ मुकदमे के आदेश।
चुनाव आयोग भले ही गोपनीयता को बनाए रखने के लाख दावे कर रहा हो लेकिन वोटर अपने प्रत्याशियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का खुलकर सोशल मीडिया पर इजहार कर रहे हैं।
भाजपा के कई नेताओं ने अपने सांसद प्रत्याशी के प्रति अपनी निष्ठा को जाहिर करते हुए प्रत्याशी के नाम के आगे का बटन दबाते हुए बाकायदा इसकी फोटो खींचकर फेसबुक पर अपलोड कर दी है।
 जब इसकी शिकायत चुनाव ड्यूटी में लगे  कई अधिकारियों से की गई तो उन्होंने शिकायत दर्ज करने से इंकार कर दिया।
उदाहरण के तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक नेता सौरभ नौडियाल और बीजेपी युवा मोर्चा के महानगर देहरादून मंत्री अनूप रावत ने भाजपा प्रत्याशी के नाम के सम्मुख ईवीएम का बटन दबाते हुए इसकी फोटो बाकायदा सोशल मीडिया पर अपलोड की है।
 जाहिर है कि मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल अथवा मोबाइल कैमरा ले जाना सख्त मना है, किंतु भारी सुरक्षा के बावजूद इस तरह के फोटोग्राफ फेसबुक पर अपलोड होने से चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों की गोपनीयता और कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
क्या कहता है कानून
गौरतलब है कि मतदान केंद्र के अंदर किसी भी प्रकार की फोटो खींचना या वीडियो फिल्म बनाना मीडिया के लिए भी सख्त प्रतिबंधित है। ऐसा करने पर लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 131( 1) (ख) के अधीन दंडनीय अपराध है, जिसके लिए जुर्माने के साथ तीन माह तक की सजा या दोनों हो सकते हैं।

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