एक्सक्लूसिव

ब्रेकिंग : हरक सिंह रावत की आईएएस ओमप्रकाश से भिड़ंत

मुख्यमंत्री के करीबी अफसर पर हरक का बड़ा हमला

उत्तराखंड सरकार में वन मंत्री हरक सिंह रावत ने दो दिन के भीतर दो बड़े अधिकारियों के खिलाफ हल्ला बोलकर उत्तराखंड में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए कि आखिरकार किस तरह उत्तराखंड में अधिकारी मनमानी कर रहे हैं !

उत्तराखंड के जंगल धधक रहे हैं और वन विभाग के प्रमुख संरक्षक जयराज विदेश में मौज मस्ती कर रहे हैं,जिससे उत्तराखंड के वन मंत्री हरक सिंह रावत आग बबूला हो गए है।

हरक सिंह रावत का जिम्मेदार अधिकारियों के विदेश दौरा छोड़ने तक की बात कर रहे है,लेकिन वन मंत्री के बिना संज्ञान में होने के चलते जयराज के विदेश जाने के मामले के बाद हरक सिंह रावत ने अपर मुख्यसचिव ओम प्रकाश के खिलाफ लाल ढांग चिल्लरखाल मोटर मार्ग के निर्माण के रोके जाने के आदेश के बाद हल्ला बोल दिया है,हरक सिंह रावत का कहना कि नेशनल टाइगर आॅथारटी के द्वारा लालढांग चिल्लरखाल मार्ग के पास बफर जोन का संज्ञान लिये जाने के बाद मोटर मार्ग के निर्माण के आदेश पर रोक लगना गलत है और इसके लिए उन्होने pwd अपर मुख्यसचिव ओम प्रकाश को फोन कर सवाल किया है जो जनता का पैसा मार्ग पर खर्च हो चुका है उसकी भरपाई कोन करेगा !

हरक सिंह रावत ने साथ ही कहा कि ओमप्रकाश की हरकत माफ करने योग्य नहीं है।

हरक सिंह रावत ने मनमानी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाना शुरू कर दिया है।

हरक सिंह रावत का कहना कि यदि लालढांग चिल्लरखाल मार्ग के निमार्ण कार्य को रोका जाता है तो वह 100 बार मंत्री पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं और सड़क का कार्य पूरा न होने तक आमरण अनशन से लेकर जेल जाने को तैयार हैं।

हरक सिंह रावत का कहना कि कुछ लोग ये सोच रहे हैं कि हरक सिंह रावत अपने लिए इस सड़क की लड़ाई लड रहे है,लेकिन वह साफ कि वह जनता के लिए इस सड़क की लड़ाई को लड़ रहे जिससे कई जिलों के लोगों को इससे फायदा होगा। हरक सिंह रावत का कहना कि कुछ लोग इसलिए सड़क के काम में बाधा डालने चाहते है कि जो लोग इसी सड़क से गुजरेंगे वह सड़क से गुजरते हुए हरक सिंह का नाम लेंगे,इसलिए कुछ लोग षड़यंत्र के तहत ऐसा कर रहे है।

हरक सिंह रावत ने साफ कर दिया है कि चाहे कुछ भी हो, वह लाल ढांग चिल्लरखाल मार्ग के निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगने देंगे चाहे इसके लिए उन्हे कुछ भी करना पड़े।

हरक सिंह के तेवर से साफ है कि हरक सिंह रावत अपनी ही सरकार के रहते अधिकारियों के काम करने के तरीके से खुश नहीं हैं।

ऐसा में देखना ये होगा जो नाराजगी उनकी अधिकरियों के ऊपर दिखाई दे रही है, उससे अधिकारियों के काम करने के तरिके में फरक पड़ता है या हरक सिंह रावत हरीश रावत सरकार की तरह बागी होने का रास्ता अपनाते हैं जो इस्तीफा और विधायकी तक को दांव पर लगाने की बात कर रहे हैं।

%d bloggers like this: