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हाईकोर्ट ऑर्डर: कूड़ा फेंका तो सचिव होंगे जिम्मेदार 

कमल जगाती, नैनीताल
 उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी की एक जनहित याचिका में अपना निर्णय सुनाते हुए इंदिरा नगर में कूड़ा निस्तारण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
हल्द्वानी की इंदिरा नगर जन विकास समिति द्वारा दायर जनहित याचिका में नगर निगम द्वारा खेल मैदान को कूड़ा खड्ड में तब्दील करने के खिलाफ जनहित याचिका लगाई गई थी, जिस पर न्यायालय ने आज उन्हें राहत देते हुए सरकार को नियमों का पालन करने को कहा है ।
     वरिष्ठ न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खण्डपीठ ने निम्न आदेशों के साथ ही इस जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया है ।
(1) नगर निगम हल्द्वानी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट अथवा डम्पिंग ग्राउंड, पर्यावरण मंत्रालय के नियमों से छह माह के भीतर लगाए ।
(2)प्लांट लगने तक नगर निगम को गौला नदी को बचाने के लिए बायो मैडिकल वेस्ट समेत दूसरा कूड़ा वर्तमान के स्थान में निस्तारण नहीँ करने के निर्देश दिए गए हैं ।
(3) न्यायालय ने राज्य सरकार को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वो कूड़ा जमा करने का स्थान, प्रसंस्करण और री-साइकिलिंग के लिए जगह मुहैय्या कराए और स्थानीय निकाय को सौंपे ।
(4)न्यायालय ने बायो मैडिकल वेस्ट के मामले में सभी संबंधित विभागों से कहा है कि वो कूड़े को सुरक्षित और हवादार थैलों में ही रखें ।
(5)न्यायालय ने कहा है कि सभी लैब कूड़े, माइक्रो बियोलॉजी कूड़ा, ब्लड सैंपल और ब्लड पैकेट व अन्य कूड़ा को पूर्व इलाज कराकर वर्ल्ड हैल्थ ऑर्गेनाइजेशन(डब्ल्यू.एच.ओ.)के नियमानुसार ही निस्तारित करें ।
(6)न्यायालय ने कहा कि सभी प्लास्टिक बैग, ग्लव्स और ब्लड बैग्स को बी.आई.एस.के नियमों के अनुसार बदलें ।
(7)न्यायालय ने कहा कि बायो मैडिकल वेस्ट और सामान्य कूड़े को आपस में मिलाया नहीं जाना चाहिए ।
(8)न्यायालय ने कहा कि पूरा बायो मैडिकल वेस्ट का स्टोर, परिवहन, ट्रीटमेंट और निस्तारण बिना मानव स्वास्थ्य या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए, नियमों से किया जाए ।
(9)न्यायालय ने कहा कि बायो मैडिकल वेस्ट उठाने वाले कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए और इसे समय से उठाया जाए ।
(10)न्यायालय ने चिकित्सालयों और नर्सिंग होम से कहा है कि वो नियमानुसार बायो मैडिकल वेस्ट का निस्तारण करना सुनिश्चित करें ।
(11)न्यायालय ने राज्य सरकार से राज्य स्तर की एडवाइज़री कमिटी और जिला स्तर की मॉनीटिरिंग कमिटी बनाने को कहा है ।
(12)न्यायालय ने बायो मैडिकल वेस्ट का नियमों से निस्तारण नहीं करने वाले चिकित्सालयों और नर्सिंग होम के खिलाफ सरकार को कार्यवाही करने को कहा है ।
(13)न्यायालय ने सभी चिकित्सालयों और नर्सिंग होम को बायो मैडिकल वेस्ट मैनेजमेंट का प्रतिदिन के आधार पर ब्यौरा रखते हुए अपनी वैबसाइट पर प्रदर्शन करने को कहा है ।
(14)न्यायालय ने उन सभी लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने को कहा है जहां ठोस कूड़ा बनता तो है लेकिन सही से निस्तारित नहीं होता, चाहे वह व्यक्ति विशेष या समूह हो या वो फौज अथवा रेलवे ही हो ।
(15)उत्तराखण्ड प्रदूषण एवं पर्यावरण बोर्ड से कहा गया है कि वो सुसंगत धाराओं में ऐसे अधिकारी, कर्मचारी, व्यवसायी और ऑपरेटरों के खिलाफ एफ.आई.आर.दर्ज कराए जो ठोस अपशिष्ठ निस्तरिकरण नियमों का उल्लंघन करते हैं ।
(16)न्यायालय ने सभी नगर पालिकाओं को गर्मियों में 6 बजे और जाड़ों में 7 बजे से पहले कूड़े के डब्बों, कूड़ा खड्ड को साफ करने के निर्देश देते हुए कहा कि वो सुनिश्चित करें कि किसी भी प्रकार की गंदगी कूड़े के डब्बे से ना बहे ।
(17)न्यायालय ने पालिकाओं को निर्देश देते हुए कहा कि वो लोगों के लिए स्वच्छ पानी और दूसरी स्वच्छता सुविधा मुहैय्या करें और
(18)अंत में न्यायालय ने सचिव शहरी विकास से कहा कि वो इन नियमों का पालन नहीं कराने की स्थिति में खुद जिम्मेदार माने जाएंगे ।
        न्यायालय ने इसी के साथ सन 2017 में दाखिल इंदिरा नगर जन विकास समिति हल्द्वानी की इस जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया है ।
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