पहाड़ों की हकीकत

अंधविश्वासी पुलिस : पुछियारी के कहने पर किया ऐसा कारनामा कि माथा पीट लोगे आप !

रमेश पांडे ‘कृषक’। बागेश्वर

उत्तराखण्ड में त्रिवेन्द्र सरकार की पुलिस का जो चेहरा कपकोट में सामने आया है उसे देख सिर धुनने का ही मन करता है कि यह सरकार और इस सरकार की पुलिस किस युग में जी रही है।
घटना के अनुसार कपकोट थाना अन्तर्गत लीती मन्दिर में चोरी का खुलासा करने के लिये पुलिस ने पुछियारी की पूछ को आधार बनाया और पूछ में बताये गये नामों के आधार पर पुलिस समीप के गांव के दो युवाओं जो पंजाब में मजदूरी करते हैं, को पंजाब से पकड़ कर ले लाई।

कई दिन अवैध स्टडी मे रखकर छोड़ना पड़ा

कुछ दिन गुपचुप अपनी कस्टडी में रखने के बाद जब पुलिस को लगा कि उससे गलती हो गई है तो पकड़ कर रखे गये दोनो नौजवानों से कहा गया कि वे घर चले जायें। बच्चों ने सिर्फ इतना पूछा कि पुलिस की वजह से पंजाब से ले कर गांव तक उनकी पहचान चोर के रूप में हो गई है, ऐसे में पुलिस हमारी पंचायत और उस मालिक को जहां हम काम करते हैं को लिखित रूप में दे कि हम चोर नही हैं वरना हमारे पास आत्म हत्या करने के अलावा और कोई मार्ग नही बचा है।
अपने पाप को छुपाने और अपने को बचाने के लिये पुलिस ने दूसरा मार्ग यह निकाला है कि पुलिस उन दो बच्चों में से एक के अभिभावक को इस लिये थाने आने का आदेश दे कर आ गई है कि उस अभिभावक ने पुछियारी के परिवार के एक सदस्य से इतना सा पूछ दिया कि तुम्हारी वजह से दो निर अपराध युवाओं पर चोर होने का ताबीज पुलिस ने बांध दिया है, ऐसी गलत पूछ क्यों करते हो !
इस पूरी घटना में पुलिस अधीक्षक का कथन बहुत ही चैंकाने वाला है कि पुलिस ने ऐसे कोई जरूरी डॉक्यूमेंट नही भरे थे जो किसी सम्भावी को दूसरे प्रान्त से उठा कर लाने के लिये भरने जरूरी होते हैं।

पुलिस अधीक्षक ने मानी गलती पर दोषी पुलिस पर मौन

पुलिस अधीक्षक मानते हैं कि पुलिस ने गलती की है लेकिन गलती पर पुलिस के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्यवाही करने की मांग को भी वे गलत मान रहे हैं। आश्चर्य तो यह कि हिन्दुस्तान अखबार के अलावा किसी अन्य अखबार की नजर में पुलिस की यह दादागिरी खबर तक नही बनी।

पंजाब होटल के कैमरे मे कैद पुलिस का झूठ 

शोसल मीडिया और एक मात्र हिन्दुस्तान समाचार की सक्रियता के बाद 6 दिन से पुलिस ने जिन नौजवानों को बिना उच्चाधिकारियों और अदालत को सूचित किये अपनी कस्टडि में रखा था, को एक पत्र दे कर छोड़ दिया है। पुलिस ने पत्र उस मालिक के नाम लिखा है जिसके पास ये नौजवान नौकरी करते हैं। नौजवानों ने बताया कि पुलिस ने उनसे सादे कागज में यह लिखवा लिया है कि ये दोनो नौजवान अपनी मर्जी से थाने आये थे। सनद रहे कि पंजाब के जिस होटल में ये नौजवान काम करते हैं और जहां से पुलिस इन्हें उठा कर लाई थी, उस होटल के सीसीटीव्ही कैमरों में पुलिस की पूरी कार्यवाही कैद है।

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