राजनीति

एक अध्यक्ष, एक पूर्व अध्यक्ष।एक शहर,एक कार्यक्रम ,लेकिन …

गैरोला गैरोला
पूरे देश मे तीन राज्यो में सिमटी कांग्रेस पार्टी अपने आलाकमान के दिशा निर्देश पर फिर से जनता के बीच उतर कर निकाय चुनाव में जनता का विश्वास जीत कर डूबती नाव की किनारे लाने के प्रयास में लग गयी है । इसी कड़ी में उत्तरकाशी जिला मुख्यालय पहुंचे पूर्व और वर्तमान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अलग-अलग समय पर पार्टी की अगुवाई की, किन्तु दोनों ने एक साथ मंच साझा नही किया। पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के जाने के बाद वर्तमान अध्यक्ष जिला मुख्यालय पहुंचे और बीजेपी सरकार पर जमकर बरसे।
उत्तरकाशी पहुंचे पूर्व  प्रदेश कांग्रेस कमेटी चीफ किशोर उपाध्याय की अगुवाई में जिला कांग्रेस कमेटी ने उत्तरकाशी के मंगल घाट पर दो घंटे का धरना देकर गंगा की दुर्दशा पर मोदी सरकार का ध्यान आकृष्ट किया। दोपहर बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चीफ प्रीतम सिंह की अगुवाई में नगर की सड़कों पर जनाक्रोश रैली के माध्यम से राज्य सरकार की 14 महीनों की विफलता पर अपना गुस्सा जाहिर किया।
प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने बताया कि नई सरकार को कामकाज जमाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने पर्याप्त समय दिया किन्तु बीजेपी की राज्य सरकार अपने किसी भी वादे पर कायम नही रह सकी। लिहाजा कांग्रेस पार्टी विपक्ष का धर्म निभाते हुए सरकार से किये कार्यो का ब्यौरा मांगेगी।
गंगोत्री के पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने गंगा के मायके उत्तरकाशी में गंगा की दुर्दशा और मोदी के “गंगा ने बुलाया है” के नारे पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि नमामि गंगे में करोड़ों का बजट होने के बाद गंगा के मायके में गंगा में सीवर और गंदे नालों की गंदगी इस कदर गंगा को प्रदूषित कर रही है कि यहाँ आचमन करना भी मुश्किल हो गया है।उन्होंने सरकार पर किसान को आत्महत्या के लिए उकसाने , शराब माफिया को सहयोग करने का आरोप लगाया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने बताया कि केवल उत्तरकाशी में ही जनता में आक्रोश नही है, बल्कि पूरे उत्तराखंड में जनता bjp सरकार के वादे पूरे नही होने से त्रस्त है। कर्नाटक चुनाव हारने पर प्रीतम बोले कि चुनाव में  हार जीत लगी रहती है किंतु इसके बाद भी वहाँ कांग्रेस का वोट प्रतिशत कम नही हुआ है। हालांकि उन्होंने बताया कि  देश भर में कांग्रेस की लगातार हो रही हार पर बड़े नेता जरूर चिंतन मनन करेंगे और उनके निर्देशों पर पार्टी स्थानीय निकाय चुनाव में अपना जबाब देगी।
सूबे में स्थानीय निकाय  चुनावो में बेहतर प्रदर्शन कर कांग्रेस का डूबता विश्वास जनता में फिर से कायम करने के लिए एक बार फिर से कांग्रेस अपने आकाओं के दिशा निर्देश पर जमीन पर उतरने में लगी है, किंतु कर्नाटक में हुई हार ने उनके जनाक्रोश की धार को कुछ तो कुंद कर ही दिया है।

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