एक्सक्लूसिव पहाड़ों की हकीकत

टैक्सी के पहिए जाम।

टैक्सी यूनियन ने प्रदेश भर में किये पहिया जाम। गति नियंत्रक लगाए जाने के विरोध में किया चक्काजाम। चार धाम यात्रा समेत स्थानीय लोगों को हो रही दिक्कत ।

गिरीश गैरोला ।

उत्तराखंड में पर्वतीय टैक्सी यूनियन से जुड़े संगठन ने आज से सभी टैक्सीयो के पहिए जाम कर अपना विरोध जता दिया है गौरतलब है की सड़क हादसे में ओवर स्पीड को जिम्मेदार मानते हुए शासन स्तर से सभी टैक्सियों में गति नियंत्रक लगाए जाने के निर्देश दिए गए थे । प्रदेश में 9 कंपनियों को गति नियंत्रक लगाने  के टेंडर दिए गए हैं।

टैक्सी यूनियन से जुड़े दीनानाथ और अर्जुन भंडारी ने बताया कि ₹2000 के लागत वाले गति नियंत्रक को 6 से 10 हजार रुपए में लगाने के लिए आरटीओ स्तर से बाध्य किया जा रहा है। इतना ही नहीं गति नियंत्रक लगाए जाने के बाद पहाड़ों में न तो टैक्सी ठीक से स्टार्ट हो पा रही है और ना चढ़ाई पर गति पकड़ पा रही है ।अक्सर चढ़ाई पर धुवां देने के बाद बंद हो रही है। इसे लगाए जाने के बाद टैक्सी के फ्यूल पंप में भी शिकायत बढ़ गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पहाड़ों में वैसे भी 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की दर से अधिक स्पीड पर गाड़ियां चलाना संभव नहीं है,  लिहाजा गति नियंत्रक लगाने के अव्यवहारिक फैसले के खिलाफ पूरे प्रदेश के टैक्सी यूनियन आज से हड़ताल पर है, जिसकी पूर्व सूचना संगठन द्वारा दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि गति नियंत्रक को नए वाहनों में रजिस्ट्रेशन के समय लगाया जाना व्यवहारिक होगा, जबकि पुराने वाहनों में इस को जबरदस्ती थोपना कतई उचित नहीं है।

पहाड़ों में समाचार पत्र पहुंचने का काम हो अथवा स्कूल के शिक्षकों को घर से स्कूल पहुचाने का काम सभी मे यही टैक्सियां काम मे लायी जा रही थी। चार धाम यात्रा में बसों के लगने के बाद जिले सड़कों पर ग्रामीणों की आवाजाही भी इन्ही टैक्सियों के भरोसे है, जो अब पहिये जाम कर बैठ गए है।

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