पर्यटन

गुड न्यूज: समिट से पहले ही पर्यटन मे तेरह हजार करोड़ के एमओयू

राज्य में आगामी 7 एवं 8 अक्टूबर को होने वाले डेस्टिनेशन इन्वेस्टमेंट सम्मिट 2018 में राज्य में  अवस्थापना विकास  तथा  क्रियान्वयन एवं प्रबंधन हेतु अधिक से अधिक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए  पर्यटन विभाग द्वारा बढ़-चढ़कर भागीदारी की जा रही है।
 पर्यटन विभाग से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं पर अभी तक कुल 13,328 करोड़ रुपए के एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, जिनमें से 3598 करोड़ रुपए के एमओयू आज सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत तथा  पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किए गए।
 मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने निवेशकों को संबोधित करते  हुए कहा कि राज्य में औद्योगिक तथा पर्यटन  संरचनाओं के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन होगा। उन्होंने कहा कि पलायन की समस्या से निजात पाने में यह इन्वेस्टमेंट सम्मिट मील का पत्थर साबित होगा।
 पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने इस अवसर पर  मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का आभार प्रकट करते हुए कहा कि  उनके  प्रयासों से ही राज्य में  इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन  संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में पारित की गई नई पर्यटन नीति से पर्यटन क्षेत्र के स्टेकहोल्डर्स में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को शामिल करने से पर्यटन परियोजनाओं को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह है।
सचिव पर्यटन से दिलीप जावलकर ने बताया कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने  के बाद स्थानीय निवेशकों द्वारा राज्य में अवसंरचना विकास हेतु विशेष उत्साह दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से स्थानीय निवेशकों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें राज्य में पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और वेलनेस तथा रोपवे जैसी परियोजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
मुख्य परियोजनाओं में होटल प्रोजेक्ट्स, टेंट सिटी, रोपवे,  पर्यटन अवसंरचना विकास, अवशिष्ट प्रबंधन तथा हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र की अनेकों प्रोजेक्ट शामिल है. सिंगल विंडो सिस्टम, इज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ तमाम प्रोत्साहनों को सम्मिलित कर लिए जाने से पर्यटन क्षेत्र की परियोजनाएं निवेशकों के बीच एक आकर्षक पैकेज बनकर उभर रही हैं।
 राज्य सरकार द्वारा हाल ही में पारित की गई नई पर्यटन नीति से पर्यटन क्षेत्र के स्टेकहोल्डर्स में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है. पर्यटन विभाग की योजना है कि राज्य के अधिक ऊंचाई पर स्थित पर्यटक गंतव्य को रोपवे से जोड़ा जाए ताकि हिल स्टेशन की यात्रा को और अधिक आसान और रोमांचक बनाया जा सके। पर्यटकों को ट्रैफिक जाम और पार्किंग जैसी समस्याओं से ना जूझना पड़े इसके लिए निवेशकों को रोपवे प्रोजेक्ट की ओर आकर्षित किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त हॉस्पिटैलिटी तथा वैलनेस के क्षेत्र में निवेशकों को आमंत्रित करने की योजना है।
राज्य में स्टार केटेगरी के होटलों के निर्माण हेतु आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त टिहरी को एक डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की योजना है।

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