एक्सक्लूसिव राजनीति

थर्ड फ्रंट की हुंकार : उत्तराखंड जनता मोर्चा का गठन। 

आज देहरादून में भाजपा और कांग्रेस को टक्कर देने के लिए तीसरे मोर्चे के रूप में “उत्तराखंड जनता मोर्चा” का गठन किया गया।

 समाज के  विभिन्न वर्गों से देहरादून में जुटे लगभग ढाई सौ लोगों ने उत्तराखंड के स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित एक नए राजनीतिक संगठन का गठन किया।
यह हैं मुख्य मुद्दे
 उत्तराखंड जनता मोर्चा के मुख्य मुद्दे भू अध्यादेश, पहाड़ की राजधानी पहाड़ पर, प्रदेश के स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली-सड़क-पानी, पलायन, बेरोजगारी, विदेशी घुसपैठियों को बाहर करना, पर्यटन और तीर्थाटन का विकास करना, मूल निवास एवं भूमि बंदोबस्त और जल जंगल जमीन बचाने जैसे ज्वलंत विषयों को जनता के बीच में ले जाने पर केंद्रित थे।
 क्या कहते हैं मुख्य संयोजक
 उत्तराखंड  जनता मोर्चा के मुख्य संयोजक सूरत राम नौटियाल ने बताया कि विगत 18 वर्षों से राष्ट्रीय दलों ने जनता को छला है इसलिए सैकड़ों गांव खाली हो गए कृषि भूमि वन भूमि में बदल गई और जंगली जानवर गांव के अंदर तक घुस आए हैं जो फसलों और पालतू पशुओं तथा इंसानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
 श्री नौटियाल ने कहा कि पहाड़ का पानी पहाड़ पर रोक कर उसे उत्तराखंड के विकास में लगाने के लिए उत्तराखंड जनता मोर्चा किसी भी हद तक संघर्ष करेगा।
अंतरिम संयोजक मंडल का गठन
 इस बैठक में सर्वसम्मति से अस्थाई संयोजक मंडल की भी घोषणा की गई। इसमें मुख्य संयोजक सूरत राम नौटियाल को मनोनीत किया गया। सूरत राम नौटियाल भाजपा के पूर्व राज्य मंत्री तथा चार धाम विकास परिषद के अध्यक्ष रहे हैं।
 इसके अलावा एक संयुक्त संयोजक मंडल की भी घोषणा की गई। इसमें डॉक्टर प्रमोद नैनवाल को संयोजक तथा कुमाऊँ प्रभारी बनाया गया।
 इसके साथ ही महेंद्र प्रताप सिंह नेगी गुरु जी को प्रदेश समन्वयक बनाया गया।
 कविंद्र ईस्टवाल को संयोजक एवं प्रवासी उत्तराखंडी प्रभारी बनाया गया। साथ ही राजकुमार जायसवाल को संयोजक तथा देहरादून महानगर प्रबुद्ध जन संपर्क व मीडिया प्रभारी का दायित्व दिया गया है।
 डॉ रमेश पांडे को संस्कृति तथा अध्यात्मिक क्षेत्र का दायित्व दिया गया। श्री घनानंद को उत्तराखंड लोक संस्कृति कलाकार संयोजक बनाया गया एवं आशीष थपलियाल को छात्र एवं युवा सामान्य व्यक्ति जिम्मेदारी प्रदान की गई।
 इसके अलावा बैठक में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से सुनील अग्रवाल, नीलम पांडे, पूनम कैंतुरा, अरुण शर्मा, सुशीला भंडारी, दुर्गेश लाल, मनोहर पहाड़ी, मद्रासी भाई, गोविंद बर्त्वल ,कुलदीप रावत,  मुरारीलाल खंडवाल, दौलत कुंवर, प्रकाश जोशी, जगराम, रविंद्र, सुमित, सुधा पटवाल, बालेंद्र तोमर, प्रमोद नौटियाल, सत्यदेव उनियाल, एसएस पयाल, पीके अग्रवाल, शेखर आनंद मैंडोलिया, सुंदर सिंह चौहान, मनीमनीष सुंद्रियाल, मदनमोहन ठुकराना, गणेश खुगसाल, तेजेश्वर   कर्नल एसपी थपलियाल, सतीश सकलानी, कृष्णा उनियाल, विजय पंत सहित ढाई सौ लोग शामिल थे।

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