एक्सक्लूसिव

एक्सक्लूसिव: अभागिन अत्री आखिर जाए तो कहां जाए!

21 वर्ष के बड़े बेटे की तीन माह पूर्व  पंजाब में दुघर्टना में हुई मौत
दूसरा बेटा विकलांग  
दुघर्टना मुआवजा व विकलांग पेंशन को प्रशासन के चक्कर काट रहे पति-पत्नी 
नीरज उत्तराखंडी

पुरोला। इसे कुदरत की देन कहें या किस्मत का फल कि तीन माह पहले तक जो मां-बाप  दो बच्चों  संग मिल रहे सुख के चलते फूले नहीं समा रहे थे, अब दो जून की रोटी के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
मामला मोरी विकासखंड के सुचाण गांव का है, जहां बचन सिंह का बड़ा बेटा प्रमोद सिंह (21 वर्ष) एक वर्ष से पंजाब में प्राईवेट कंपनी में नौकरी करता था जबकि छोटा बेटा प्रवेश गूंगा व विकलांग तो था किंतु घर में रहकर मां बाप के बुढापे का सहारा बन छोटे मोटे काम में हाथ बंटा लेता था।  लेकिन  नियति को यह मंजूर नहीं था और अचानक अत्री देवी के उपर विपत्तियों का पहाड़ टूट पड़ा।
हुआ यूं कि तीन माह पूर्व सुचाण गांव के इस गरीब भूमिहीन परिवार पर किस्मत का कहर इस कदर टूटा की परिवार का सबसे बड़ा सहारा प्रमोद सिंह की पंजाब में एक  सड़क दुघर्टना में मौत हो गई, जबकि भाई की मौत खबर सुनकर गांव में छोटे भाई प्रवेश पिता बचन सिंह व मां अतरी देवी  सदमे में हैं।

हालत इतने दयनीय हो गये हैं कि दोनों पति-पत्नी का कोई सहारा न होने से एक ओर बेटे की मौत के कारणों का पता लगाने को पंजाब पुलिस व सरकारी कार्यालय के चक्कर काटने पड़़ रहे हैं, वहीं घर का  चलाने वाला एक मात्र सहारा छिनने से दो जून की रोटी व दौड़-भाग करने के लिए खर्च चलाने के लाले पड़ रहे हैं।
मृतक की मां अतरी देवी ने बताया कि प्रमोद सिंह बीते दो वर्ष से पंजाब में एक प्राईवेट कंपनी में काम करता था। उसी के हर माह भेजे पैसों से घर का खर्चा व छोटे बेटे प्रवेश की दवा का खर्च चलता थ।उनके पास जमीन व आय का कोई और जरिया भी नहीं है।
कई बार बेटे की विकलांग व पति-पत्नी की वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन किया किंतु अभी तक पेंशन स्वीकृत नहीं हुई है।
मृतक के पिता बचन सिंह ने बताया कि बेटे की     मौत के बाद मौत के कारण समेत दुघर्टना मुआवजा देने को तीन बार स्थानीय प्रशासन के माध्यम से पंजाब सरकार को पत्र भेजा गया है। साथ ही एसडीएम व बीडीओ समेत समाज कल्याण विभाग से पति पत्नी को वृद्धा व छोटे बेटे को विकलांग पेंशन देने की गुहार लगाई गई, ताकि परिवार का खर्चा चल सके किंतु अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई।
एसडीएम पीएस राणा ने बताया कि दुुर्घटना क्षेत्र पंजाब है, जहां मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज है साथ ही पंजाब पुलिस तहकीकात कर रही है।   पटवारी को परिवार की आर्थिक मदद को लेकर मुख्यमंत्री सहायता कोष के नाम आवेदन पत्र भेजने निर्देश दिये गए हैं।

पंजाब में दुर्घटना मामले में पीड़ित दम्पति की पैरवी कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता दुर्गेश लाल का कहना  है कि पंजाब पुलिस मामले में लापरवाही कर रही है। दोषियों को सजा दिलाने की बजाय पीड़ित पर समझौते का दबाव बना रही है।
%d bloggers like this: