पहाड़ों की हकीकत

बाबा कर रहा ग्रामीणों को गांव छोड़ने पर विवश, बाबा के सौ-डेढ़ भक्तों ने ग्रामीणों की नींद उड़ाई

इन्द्रजीत असवाल

बात जनपद पौड़ी गढ़वाल के तहसील लैंसडौन विकासखंड जयहरीखाल के ग्राम मंझकोट की है। यहीं के मूल निवासी बाबा चंद्रशेखर क्रांतिकारी ने विगत एक साल पहले अपने गांव में एक आश्रम बनवाया और गांववासियों को कहा कि वो बुजुर्गों की सेवा के लिए गांव में कुछ लोगोंं को रख रहा है। बाबा अपने आप मेरठ में रहता है व इस आश्रम को मेरठ से ही संचालित कर रहा है, किंतु बाबा के भक्तों ने विगत कुछ माह पहले से अपना रंग दिखाना आरंभ कर दिया है। 100 व 150 की संख्या में मेरठ से यहां लोग रह रहे हैं, वो भी बिना पुलिस वैरिफेकशन के। ये लोग स्थानी निवासियों को आये दिन धमका रहे हैं। गांव के लोग डर के कारण चुप होकर सब कुछ सह रहे थे, लेकिन जब गांव में मीडिया पहुंची तो लोगों के सब्र का बांध टूट गया। लोगों ने मीडिया को अपनी आपबीती सुनाई, जिसे हम आपको वीडियो के माध्यम से दिखा रहे है।
जब मीडिया के द्वारा उक्त लोगों को पुलिस वैरिफकेशन के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि उन्हें इसकी जरूरत नहीं है। वो बाबा के आदमी हैं, कहीं भी बिना परमिशन के रह सकते हैं।
जब गांव के बुजुर्ग श्याम लाल बुड़ाकोटी ने इन लोगों की शिकायत प्रधान से की तो इन लोगों ने उल्टा शयामलाल को एससी/एसटी एक्ट व मारपीट करने का आरोप लगाया व कोटद्वार से सीओ जोशी ने इस विषय में शयाम लाल को तलब किया।
ये लोग दिनभर लाउड स्पीकर बजाकर ध्वनि प्रदूषण कर रहे हैं, जिससे गांव के बीमार बुजुर्ग परेशान हैं। साथ ही ये लोग सुबह शाम को राष्ट्रगान करते हैं। अभी उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रकाश पंत के निधन पर राजकीय शोक था, किंतु इन्होंने तिरंगे को डॉउन नहीं किया।
गांव में आश्रम निर्माण में भी ये लोग आसपास से खनन करके पत्थर व अन्य सामान ला रहे हैं। इसी बाबा के भक्तों से परेशान एक युवक ने जब फेसबुक पर एक पोस्ट डाली तो बाबा के भक्तों ने उसे जान से मारने की धमकी व फेसबुक पर गंदे-गंदे कमेंट व गालियां दी। युवक ने स्क्रीनशॉर्ट के माध्यम से मीडिया को उपलब्ध कराए हैं।
बाबा के लोगों द्वारा परेशान होकर अब गांववासियों ने सरकार से मांग की है कि उनके गांव को व उनको इस बाबा के आतंक से बचाया जाए।

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