एक्सक्लूसिव

भीमताल औद्योगिक आस्थान में उद्योग न लगाने पर भूखण्ड होंगे सीज

भीमताल औद्योगिक आस्थान में उद्यमियों द्वारा उद्योग स्थापित करने के लिए लिए गए भूखण्डों का उपयोग अपने निजी उपयोग एवं व्यवसाय के लिए किया जा रहा है। ऐसे भवनों को सीज किया जाएगा।
भीमताल स्थित औद्योगिक आस्थान में उद्योग स्थापित करने के लिए जिन लोगों ने भूखण्ड लिये हैं, उनकी जांच एक कमेटी के माध्यम से की जायेगी। जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने बताया कि शासन को शिकायतें मिली हैं कि भीमताल औद्योगिक आस्थान में उद्यमियों ने उद्योग स्थापित करने के लिए भूखण्ड आवंटित कराये थे परन्तु अधिकांश उद्यमियो द्वारा उद्योग ना लगाकर ऐसे भूखण्डो का प्रयोग अपने निजी उपयोग एवं व्यवसाय के लिए किया जा रहा है। उद्योग मित्र की बैठक में जिलाधिकारी सुमन ने महाप्रबन्धक उद्योग विपिन कुमार को निर्देश दिये कि उद्योग विभाग व सिडकुल संयुक्त रूप से भीमताल जाकर जांच करे तथा ऐसे भवनो को सीज करने की कार्यवाही करें जिसमे कोई उद्योग स्थापित ना किया गया हो।


उन्होने कहा  उद्योगों एवं उद्यमियों को सरकार की ओर से दी जाने वाली सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारी तत्परता से कार्य करें । उन्होनें कहा कि औद्योगिक विकास के लिए जिम्मेदार सभी विभाग आपसी तालमेल एवं उद्योगपतियों एवं उद्यमियों से बेहतर समन्वय बनाते हुए काम करें ताकि उद्योग जगत की समस्याओं का तेजी से निराकरण हो सके। उन्होनें महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र विपिन कुमार को निर्देेश दिये कि वह सभी विभागों एवं उद्यामियों के बीच प्रभावी समन्वय की भूमिका में कार्य करें तथा एकल विन्डो सिस्टम को और प्रभावी एवं क्रियाशील बनाये।


श्री सुमन ने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए सडक,बिजली, पानी महत्वपूर्ण है लिहाज इन महकमो के अधिकारी आपसी तालमेल से उद्यमियो के हितो मे कार्य करें। उन्होने कहा कि विद्युत विभाग औद्योगिक क्षेत्रों मे जब भी विद्युत की रोस्ंिटग करे तो उसकी जानकारी उद्यमियो को अवश्व दी जाए। बिना सूचना के विद्युत कटौती के उत्पादन प्रभावित होता है। उन्होने क्षेत्रीय प्रबन्धक सिडकुल को निर्देश दिये कि औद्योगिक आस्थानों मे जहां भी उद्योग लगाये जाने के लिए छोटे व बडे भूखण्ड खाली है उनकी जानकारी उद्योग मि़त्र मे उपलब्ध करायी जाए, ताकि मांग अनुसार उद्यमियो को भूखण्ड आवंटित किये जा सके। जिलाधिकारी ने बैठक मे अधिकारियो को निर्देश दिये कि उद्योग से सम्बन्धित जो भी समस्याये है उनका निराकरण अधिकतम 45 दिन मे कर लिया जाए। शासन स्तर पर निस्तारित होने वाले प्रकरणो को जिला उद्योग मित्र के माध्यम से तत्काल संन्दर्भित किया जाए।
बैठक में अध्यक्ष एवं सचिव हिमालय चैम्बर ऑफ कामर्स बीके लाहोटी तथा आरसी बिन्जौला ने भी उद्यमियो की अनेकों समस्यायें प्रस्तुत की।

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