एक्सक्लूसिव

देहरादून में हो रहा है अवैध खनन एवं अवैध प्लाटिंग। आचार संहिता के बहाने अफसर बने अनजान

कृष्णा बिष्ट 
“डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला नवादा क्षेत्र के अपर नवादा में अतुल नेगी एवं संजय नैथानी आदि लोग ग्राम समाज की भूमि को कब्जाने में लगे हुए हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी यह मामला संज्ञान में होने के बावजूद कानों में तेल डालकर बैठे हुए हैं। आचार संहिता का बहाना बना रहे हैं। कब्जा करने वालों ने ग्राम समाज से लगी हुई भूमि पर कुछ बीघा भूमि खरीद ली ताकि बिना नाली के निकासी की सड़कें एवं प्लॉटिंग कर उससे कई गुना अधिक भूमि बेच सकें। जिसके लिए उन्होंने एम.डी.डी.ए एवं नगर निगम के नियमों को भी ताक पर रखा एवं वहां कई वर्षों से निवास कर रहे लोगों की जमीनों की रजिस्ट्री की नकल बही निकाल कर ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। शिकायत करने पर अपनी ऊंची पहुंच की धमकी देते हैं। यह क्षेत्र नगर निगम के अंतर्गत आने के पश्चात भी इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।” यह कहना है इस इलाके मे रहने वाले सुरेंद्र बिष्ट का।
सुरेंद्र सिंह बिष्ट दावा करते हैं कि यदि इन व्यक्तियों द्वारा खरीदी गई कुल भूमि का क्षेत्रफल जोड़ दिया जाए तथा इनके द्वारा प्लॉटिंग करके बेचे जा रहे भूखंड से तुलना की जाए तो सब पता चल जाएगा कि ग्राम समाज की कई बीघा भूमि कब्जा  कर यह लोग प्लॉटिंग काट कर बेच रहे हैं। जाहिर है कि इतनी गणित तो क्षेत्र के पटवारी और नगर निगम के भूमि अधिकारी भी समझते होंगे फिर क्या कारण है कि सब देख कर भी अंजान बने हुए हैं।
नगर निगम एवं क्षेत्र के पदाधिकारी ग्राम समाज की भूमि को सार्वजनिक प्रयोग में लाने में असमर्थ हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इनके रजिस्ट्री के पेपरों की जांच  एवं माप  रजिस्ट्री के पेपरों के आधार पर इनके लिए प्लॉटिंग के नियमों का पालन होना असंभव जैसा प्रतीत हो रहा है।
जब स्थानीय पटवारी से पर्वतजन ने बात की तो उनका कहना था कि ग्राम समाज में अतिक्रमण तो है, लेकिन अब यह इलाका नगर निगम में शामिल हो गया है लिहाजा इस विषय पर नगर निगम से कार्रवाई करेंगे नगर निगम भू प्रबंधन देखने वाले अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पहले भी ग्राम समाज की जमीन कब्जाने पर रोक लगाई गई थी और कब्जा कर रहे लोगों को काम रोकने के लिए कहा गया था, यदि दोबारा से ऐसा हो रहा है तो फिर वह इस पर अपनी कार्रवाई करेंगे।
पर्वतजन ने जब अतुल नेगी से उनका पक्ष जानना चाहा तो उनका कहना था कि उनके पास भूमि के समस्त कागजात हैं और उन्होंने कोई कब्जा नहीं किया हुआ है। अतुल नेगी ने सुरेंद्र बिष्ट पर प्रत्यारोप लगाया कि सुरेंद्र बिष्ट की जमीन उनकी संपत्ति से लगती हुई है, इसलिए वह निराधार विवाद कर रहे हैं।
बहरहाल हकीकत मे कब्जा कितना है, यह तो मौके पर अधिकारियों द्वारा पैमाइश करने के बाद ही पता चल पाएगा किंतु अधिकारियों की हीला हवाली अवैध कब्जा धारकों को संरक्षण देने वाली है।

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