सियासत

हिंदुत्व के हथियार से त्रिवेंद्र रावत पर वार!

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत अपने तमाम भाषणों में बताते हैं कि किस प्रकार उनके पिछली बार की भाजपा सरकार में पशुपालन मंत्री बनने के बाद गौ सेवा आयोग बना, गौमूत्र पर शोध हुआ, गायों की बेहतर प्रजाति के लिए उन्होंने क्या-क्या काम किए और किस प्रकार बेहतर नस्ल की गायों के लिए उन्होंने सीमेन बैंक बनाया।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा गाय के मसले पर इन तमाम बयानों के बाद पूरे प्रदेश में वही संदेश गया, जो त्रिवेंद्र रावत चाहते थे। अर्थात भारतीय जनता पार्टी का हिंदुत्व का गाय माता वाला एजेंडा। इस बीच त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्यमंत्री बन गए तो प्रचंड बहुमत में इतने विधायक आ गए कि काम करना ही गले की फांस बनने लगा। अपनी डबल इंजन सरकार द्वारा उपेक्षा से पीडि़त भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा विधायकों की न सुनने और उनके मुताबिक उनकी विधानसभाओं में काम न करने पर अब दूसरा रास्ता निकाला है। सरकार की आलोचना पर कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन, संजय गुप्ता व राजकुमार ठुकराल से भारतीय जनता पार्टी अनुशासन के नाम पर जवाब तलब कर उन्हें दबाव में लाने की कोशिश कर चुकी है। अपनी सरकार के खिलाफ खुलेआम बगावत का झंडा बुलंद करने वाले इन विधायकों ने अब डबल इंजन सरकार और संगठन द्वारा दबाव की इस राजनीति का दूसरा रास्ता अख्तियार कर लिया है। जिससे न तो अनुशासन का डंडा इनके ऊपर चल सकता है और न इनके खिलाफ कोई कार्यवाही हो सकती है।
लक्सर के विधायक संजय गुप्ता द्वारा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और कैबिनेट मंत्रियों पर पूर्व विधायक शहजाद के घर झोटा बिरयानी के प्रकरण के बाद संगठन की डांट-डपट के बाद संजय गुप्ता ने अब हरिद्वार जनपद में स्लॉटर हाउस खोलने पर अपनी सरकार की ईंट से ईंट बजाने की सरेआम चेतावनी दे दी है। संजय गुप्ता का कहना है कि देवभूमि हरिद्वार में किसी भी सूरत में स्लॉटर हाउस नहीं खुलने देंगे। संजय गुप्ता का यह बयान हरिद्वार में उनके साथ विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, पुष्कर सिंह धामी व सुरेश राठौर के साथ हुई मुलाकात के बाद सामने आया है। इससे पहले हरिद्वार ग्रामीण से विधायक स्वामी यतीश्वरानंद द्वारा कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे बजाने का समर्थन भी इसीलिए किया गया था, ताकि हिंदुत्व के एजेंडे पर अपनी सरकार को कानून और व्यवस्था के मुद्दे पर भी घेरा जा सके।
संजय गुप्ता के इस बयान पर रुड़की के विधायक प्रदीप बत्रा और खानपुर से भाजपा के विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन भी उनके साथ खड़े हो गए हैं। इन विधायकों ने वधशाला के मुद्दे पर अपनी सरकार की इस प्रकार घेराबंदी कर दी है कि सरकार के लिए यह गरम दूध हो गया है। इन विधायकों का कहना है कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार आने के बाद ही जनपद स्तर पर स्लॉटर हाउस खोलने की अनुमति सरकार ने दी है और दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से इसके लिए बजट भी जारी कर दिया है। आश्चर्यजनक रूप से कल तक भारतीय जनता पार्टी प्रदेश संगठन और सरकार, जो विधायकों को अनुशासनहीनता का पाठ पढ़ा रहे थे, वे अब बैकफुट पर हैं। इन तमाम विधायकों द्वारा विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल को भरोसे में लेकर नौकरशाही के बेलगाम होने पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के लेटरहैड पर लिखा गया पत्र अभी भी मुख्य सचिव के पास घूम रहा है।
अपनी सरकार को सरकार के एजेंडे से ही घेरने का यह नायाब तरीका सरकार के लिए मुसीबत का सबब इसलिए भी बन गया है, क्योंकि विपक्ष के लोगों ने गेंद त्रिवेंद्र रावत के पाले में डाल दी है।
देखना है कि अपने दल के विधायकों द्वारा की गई इस घेराबंदी के बाद अब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत क्या रुख अपनाते हैं!

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