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जानिए आईटीबीपी के जवानों को क्यों किया गया सम्मानित !!

12 वीं बटालियन आईटीबीपी के कैंप मातली पहुंंचने पर रेस्क्यू टीम का हुआ सम्मान।इंस्पेक्टर संतोष कुमार के साथ 12 जवानों का हुआ सम्मान ।

गिरीश गैरोला ।

एक हफ्ते से अधिक समय तक स्नो एवलांच में दबे हुए मोरी ब्लॉक के ढाट मीर गांव के तीन चरवाहों के शव बरामद करने वाली ITBP 12 वीं बटालियन मातली की रेस्क्यू टीम के कमांडर संतोष कुमार और उसके 12 साथियों का कमान अधिकारी DPS रावत ने सम्मानित किया ।

गौरतलब है कि 11 दिसंबर को अपनी भेड़ों की तलाश में गए तीन चरवाहे बुग्याल के स्नो एवलांच में दब गए थे। रेस्क्यू के लिए गई एसडीआरएफ के असफल लौटने  के बाद आईटीबीपी की मदद मांगी गई थी ।

12 वीं बटालियन के कमान अधिकारी DPS रावत ने बताया कि भले ही ट्री लाइन से नीचे की बर्फ पर्यटकों के लिए रोमांचक हो सकती है, किंतु 9000 फीट से अधिक ऊंचाई पर बर्फबारी किसी आपदा से कम नहीं होती है,  खासकर 35 से 70 डिग्री के बर्फीले ढलान पर बर्फ की नदी जिसे स्नो एवलांच भी कहते हैं, की आशंका बढ़ जाती है। इसी एवलांच का शिकार कभी कभी पोस्टों में तैनात जवान भी हो जाते है।उन्होंने कहा कि यदि  समय पर ITBP को सूचना मिल जाती तो वे ग्रामीणों को जीवित बचा लेते। इससे उन्हें और अधिक खुशी होती इसके बावजूद शव के साथ कि जाने वाली क्रियायों के लिए ग्रामीणों की भावनाओ को देखते हुए टीम ने खुद की चिंता न करते हुए अपने मिशन को अंजाम दिया।

रेस्क्यू टीम के कमांडर संतोष कुमार ने बताया कि उन्हें अपनी टीम को सुरक्षित रखते हुए रेस्क्यू कार्य को अंजाम देना था । विपरीत परिस्थितियों के चलते कार्य आसान नहीं था किंतु जवानों की डेडिकेशन और मृतक के परिवारों की भावनाओं को देखते हुए टीम ने अपना कार्य जारी रखा। आपदा के दौरान जीवित बचे चरवाहे की निशानदेही पर पहले दिन इलाके की  रैकी की गई और अगले दिन 5 से 7 फीट गहराई में दबे हुए तीन मृतकों 3 शवों को बरामद कर लिया गया। जिसके बाद ग्रामीणों और एसडीएम पुरोला ने भी टीम को सम्मानित किया।जिलाधिकारी उत्तरकाशी ने भी इस टीम को सम्मानित करने की बात कही है।

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