पहाड़ों की हकीकत

केदारनाथ फिल्म को इंटरनेट पर प्रतिबंधित करने की मांग

जगदम्बा कोठारी/रूद्रप्रयाग

केदार नाथ आपदा की पृष्ठभूमि पर बनी आरएसवीपी प्रोडैक्सन की फिल्म ‘केदारनाथ’ पर विवादों के बादल घिरते ही जा रहें है। अपनी विवादित कहानी और आपत्तीजनक दृर्श्यों को लेकर पहले तो फिल्म पूरे प्रदेश मे प्रतिबंधित कर दी गयी और अब केदार घाटी मे फिल्म को इंटरनेट पर भी प्रतिबंधित करने की मांग जोर पकडने लगी है। फिल्म मे सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान और सुशांत सिंह मुख्य भूमिका मे है। फिल्म की अधिकांश शूटिंग रूद्रप्रयाग के चोपता, तुंगनाथ, त्रीजुगीनारायण, रामबाड़ा समेत कई धार्मिक स्थानों पर की गयी।फिल्म 7 दिसम्बर को रिलीज हो चुकी है और प्रदेश भर मे हिन्दू संगठनों के भारी विरोध और केदारघाटी के तीर्थ पुरोहितों की कड़ी आपत्ती के बाद पर्यटन एंव संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज की पहल पर उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश भर मे फिल्म के प्रसारण पर रोक लगा दी है। अब सतपाल महाराज ने रूद्रप्रयाग के जिलाधिकारी को फिल्म निर्माताओं को नोटिस देने के निर्देश दिये हैं व साथ ही डीएम से कहा गया है कि फिल्म निर्माता से ‘केदारनाथ’ नाम पर ऐतराज जतांए।
सरकार के द्वारा उठाये गये कदम से केदार घाटी के तीर्थ पुरोहित उत्साहित हैं और अब उन्होने फिल्म को इंटरनेट पर भी प्रतिबंधित करवाने के लिए कमर कस ली है। आज सुबह ऊखीमठ के कोटमा बस स्टैंड पर शंकर सत्कारी, केशवा नंद भट्ट, शांती कोटवाल,मोहित रावत, कृपाल सिंह राणा, राजेश भट्ट सहित दर्जन पर युवाओं ने यू-ट्यूब पर फिल्म का प्रसारण रोकने के लिए प्रदर्शन किया। ऊखीमठ के स्थानीय निवासी ओम प्रकाश भट्ट, महेश चन्द्र सती, सन्दीप भट्ट, दिनेश सत्कारी सहित अन्य ग्रामिणों का आरोप है कि फिल्म मे केदारनाथ जल प्रलय की वास्तविकता बड़े पर्दे पर उतारने की बजाए फिल्म हिन्दुओं की धार्मिक भावना को चोट पहुंचाने के साथ अश्लीलता परोसती नजर आ रही है। उन्होने कहा कि फिल्म मे नायक सुशांत सिंह को एक स्थानीय मुस्लिम पिट्ठू वाले की भूमिका मे दिखाया गया है जो सरासर गलत है। उनका दावा है कि केदार घाटी मे इस प्रकार कोई स्थानीय मुस्लिम समुदाय पिट्ठू वाले नहीं है। अब उन्होने प्रदेश सरकार से फिल्म को इंटरनेट पर भी प्रतिबंधित करने की मांग है।
फिल्म ‘केदारनाथ’ के प्रति देशभर मे बड़ रहे विरोध के चलते प्रदेश के संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर फिल्म को इंटरनेट पर भी बैन करने की सिफारिश की है।
बहराल देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के चलते जहां फिल्म को भरपूर पब्लिसिटी मिली हैं वहीं उत्तराखंड मे फिल्म के बैन होने के बाद फिल्म निर्माताओं को करोड़ों का नुकसान भी हुआ है। हाल ही मे फिल्म की प्रोड्यूसर प्रेरणा अरोड़ा को फिल्म के 16 करोड़ के कॉपी राइट को बेचने के आरोप मे मुबंई पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
नवम्बर के पहले सप्ताह मे फिल्म का टीजर लॉंच होते ही घाटी मे फिल्म का विरोध शुरू हो गया था, जिसे सबसे पहले आपके प्रिय पोर्टल ‘पर्वतजन’ ने ‘केदारनाथ फिल्म मे किंसिग सीन को लेकर केदारघाटी मे उबाल’ नामक शीर्षक से प्रकाशित किया था।
फिल्म की 60 प्रतिशत से अधिक शूटिंग रूद्रप्रयाग जनपद मे हुयी है। अभिषेक कपूर के निर्देशन मे बनी इस फिल्म मे ऊखीमठ ब्लॉक के डाक्टर राकेश भट्ट के 11 वर्षीय बालक अक्षत भट्ट ने भी अभिनय किया है। अब देखना होगा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार फिल्म को इंटरनेट पर प्रतिबंधित करने मे कहां तक सफल होगी।

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