सियासत

दो नावों पर सवार विधायक मुन्नी देवी की फजीहत

मुन्नी देवी को लेकर दो फाड़ भाजपा

दो महीने पहले विधायक निर्वाचित होने के बावजूद विधायकी की शपथ से दूर रही थराली की विधायक मुन्नी देवी को तीन दिन पहले भले ही देहरादून में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की उपस्थिति में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने विधायकी की शपथ दिला दी हो, किंतु मुन्नी देवी २४ घंटे भी देहरादून में नहीं रुकी। १३ अगस्त को विधायकी की शपथ लेने वाली मुन्नी देवी दो महीने तक क्यों शपथ नहीं ली और आखिरकार सावन के महीने में उन्हें शपथ दिलाने वाले लोग उन्हें क्यों कठपुतली बना रहे हैं, यह तो वही जाने, किंतु विधायकी की शपथ लेने के बाद मुन्नी देवी तत्काल वापस चमोली चली गई और उनके अनुसार १५ अगस्त को सुबह ९ बजे उन्होंने जिला पंचायत में झंडारोहण किया। दो अलग-अलग दिशाओं में जाने वाली नाव पर पांव रखने वाली मुन्नी देवी की फजीहत को लेकर अभी से कयास लगाए जाने लगे हैं। भारतीय जनता पार्टी की थराली इकाई इस मुद्दे पर पूरी तरह से मुन्नी देवी के विरोध में खड़ी हो गई है।
मुन्नी देवी के विधायकी की शपथ के लिए देहरादून रवाना होने से कुछ देर पहले जिला पंचायत चमोली के अपर मुख्य अधिकारी एमएस राणा और प्रशासनिक अधिकारी मातबर सिंह नेगी ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष लखपत सिंह बुटोला को जिला पंचायत अध्यक्ष का यह कहते हुए कार्यभार सौंप दिया कि अध्यक्ष के विधायक बनने पर अब अगले चुनाव होने तक जिला पंचायत अध्यक्ष का चार्ज उपाध्यक्ष लखपत सिंह बुटोला ही संभालेंगे।
लखपत सिंह बुटोला के चार्ज संभालते ही भारतीय जनता पार्टी के देहरादून के नेताओं में हलचल मच गई। जिला पंचायत के भारतीय जनता पार्टी के सदस्य पहले से ही मुन्नी देवी की विधायकी प्रतीक्षा कर रहे थे, क्योंकि मुन्नी देवी के विधायक बनने के बावजूद मुन्नी देवी ने जिला पंचायत चमोली का कार्यभार नहीं छोड़ा था।
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के संगठन के लोग मुन्नी देवी के विरोध में अपना इस्तीफा प्रदेश नेतृत्व को भेज चुके हैं, जिस पर अभी तक अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। मुन्नी देवी द्वारा 15 अगस्त को जिला पंचायत में झंडारोहण करने के बाद भारतीय जनता पार्टी में एक बार फिर तलवारें खिंचती दिखने लगी है। एक ओर लखपत सिंह बुटोला का कहना है कि वो अपने अधिकार की लड़ाई के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, वहीं दूसरी ओर मुन्नी देवी का कहना है कि वह वर्तमान में भी विधायक थराली के साथ-साथ जिला पंचायत चमोली की अध्यक्ष हैं और लखपत सिंह बुटोला को अध्यक्ष का चार्ज सौंपने वाले अपर मुख्य अधिकारी एमएस राणा और प्रशासनिक अधिकारी मातबर सिंह नेगी के खिलाफ वह कड़ी कार्यवाही करेगी।
इस बीच पंचायतीराज मंत्री अरविंद पांडे ने लखपत सिंह बुटोला के अध्यक्ष पद ग्रहण करने पर चमोली के पुलिस कप्तान को लखपत सिंह बुटोला के खिलाफ जबरन जिला पंचायत अध्यक्ष पद कब्जाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर के निर्देश दे दिए हैं। अरविंद पांडे ने मुन्नी देवी को सलाह दी है कि वो तत्काल लखपत सिंह बुटोला के खिलाफ एफआईआर करवाए।
मुन्नी देवी के विधायक बनने के बावजूद अब जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भी बने रहने के मसले में ऑफिस ऑफ प्रॉफिट का मामला बनता है। जिसके तहत मुन्नी देवी को जिला पंचायत से किसी प्रकार का वेतन आहरित नहीं करना है।
कुल मिलाकर विधायक बनने के बावजूद मुन्नी देवी का जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी वाला प्रेम पूरे चमोली में चर्चा का विषय बना हुआ है। देखना है कि मुन्नी देवी अब अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्यवाही करती है।

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