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गुड न्यूज़: पिथौरागढ़ हवाई सेवा को मिली अनुमति

भारत सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग(डीजीसीए) ने पिथौरागढ़ के लिए देहरादून से हवाई सेवाओं की अनुमति दे दी है। इससे जनता में खुशी की लहर है। साथ ही पिथौरागढ़ के विधायक तथा कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने हवाई सेवाओं को पर्यटन विकास के लिए एक अच्छा संकेत बताया है।

पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी श्री रविशंकर ने बताया कि फिलहाल यह अनुमति 6 महीने के लिए मिली है। इससे पहले ही प्रशासन हवाई उड़ान में आने वाली बाधाओं को दूर कर देगा।

पर्वतजन के सूत्रों के अनुसार 6 महीने बाद इसका एक ऑडिट होगा इसके पश्चात ही स्थाई अनुमति दी जाएगी। फिलहाल यह अनुमति अस्थाई है। जनवरी के दूसरे पखवाड़े में नियमित हवाई उड़ानें शुरू होने की संभावनाएं हैं।

नैनी सैनी हवाई पट्टी को रात दिन मेहनत करके दुरस्त करने का श्रेय राज्य की कार्यदायी संस्था ब्रिडकुल को भी जाता है तथा डीजीसीए से अनुमति कराने में मुख्य सचिव की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। डीजीसीए के सर्वोच्च अधिकारी मुख्य सचिव उत्पल कुमार के बैचमेट हैं।

प्रकाश पंत भी काफी लंबे समय से पिथौरागढ़ के लिए हवाई सेवा शुरू करवाने के लिए प्रयासरत थे। पिथौरागढ़ के लिए हवाई सेवा शुरू होने के बाद सुदूर इलाके के लोगों को भी देहरादून आने -जाने में आसानी होगी तथा विकास कार्यों की मॉनिटरिंग भी आसानी से हो सकेगी। डीजीसीए ने पिथौरागढ़ की नैनी सैनी हवाई पट्टी से हवाई सेवा के संचालन को अस्थाई रूप से हरी झंडी दे दी है।

गौरतलब है कि इन्वेस्टर्स समिट के दौरान नवंबर के प्रथम सप्ताह में हवाई सेवाओं का उद्घाटन किया गया था लेकिन इस बीच हवाई पट्टी के किनारे बसे एक दो परिवारों के भवन को डीजीसीए ने बाधा बताते हुए नियमित उड़ान की अनुमति देने से इनकार कर दिया था किंतु प्रकाश पंत ने केंद्रीय स्तर पर विभिन्न नेताओं से बात करके डीजीसीए को इस बात के लिए मना लिया।

गौरतलब है कि ट्रायल लैंडिंग के बाद भी हवाई सेवाएं शुरू ना होने के पीछे राजनीतिक कारण होने की सुगबुगाहट शुरू हो गई थी और सवाल उठाए जाने लगे थे कि जब स्टेट प्लेन महीने में दो-तीन बार पिथौरागढ़ आ जा रहा है तो ऐसे में नियमित हवाई उड़ानों को शुरू करने में आखिर दिक्कत क्या है !

लोग सवाल उठाने लगे थे कि जब स्टेट प्लेन पिथौरागढ़ आ जा सकता है तो फिर नियमित हवाई उड़ानें क्यों नहीं !

डीजीसीए की इस अनुमति के बाद अब उन सभी सियासी चर्चाओं पर भी विराम लग गया है। उम्मीद की जा रही है कि इससे सीमांत क्षेत्र पिथौरागढ़ में पर्यटन गतिविधियां तो बढ़ेंगी ही राज्य के लोगों को भी इन सुदूर क्षेत्रों की आवाजाही करने में आसानी होगी।

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