पहाड़ों की हकीकत

मोरी-नैटवाड़ परियोजना प्रभावितों ने अपने हकों के लिए भरी हुंकार 

परियोजना स्थल पर विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना जारी
परियोजना निर्माण कम्पनी पर लगाया जिला अधिकारी के निर्देश  का पालन न करने का आरोप 
जिला अधिकारी को भेजा ज्ञापन 
परियोजना निर्माण कार्य रहा बन्द 
नीरज उत्तराखंडी
पुरोला। निर्माणधीन 60 मेगावाट मोरी- नैटवाड जल विद्युत परियोजना से प्रभावित नैटवाड तथा बैनोल गांवों के ग्रामीणों का रोजगार, निशुल्क बिजली तथा गांवों में ढांचा गत सुविधाएं मुहैया कराने की मांग  को लेकर बैराज स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी  है।
परियोजना प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि उनके हकों की अनदेखी की जा रही है,  उन्होंने कई बार जिला अधिकारी को ज्ञापन भेजकर उनके अधिकारों को बहाल करने की मांग करते आ रहे है, लेकिन परियोजना निर्माण कम्पनी उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। पूर्व में जिला अधिकारी को प्रेषित ज्ञापन में जिला अधिकारी द्वारा  कम्पनी के अधिकारियों को उनकी मांग पूरी करने के निर्देश दिये गये, लेकिन निर्माण एजेन्सी ने उनके आदेश का कोई पालन नहीं किया। मजबूर होकर उनको आंदोलन करना पड रहा है। ग्रामीणों ने उनकी मांग पूरी न होने तक परियोजना के बैराज स्थल पर धरना प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी है।
मोरी नैटवाड सतलुज  जल विद्युत परियोजना के प्रभावित गांवों नैटवाड तथा बैनोल के ग्रामीणों ने कहा कि जब तक नैटवाड गांव तक मोटर मार्ग,परियोजना प्रभावित प्रत्येक परिवार को रोजगार, केवला से बैनोल गांव  तक मोटर मार्ग, ब्लास्टिंग से क्षतिग्रस्त भवनों का मुआवजा,तथा प्रभावित गांवों में  शिक्षा व स्वास्थ्य  व्यवस्था,प्रभावित गांवों को निशुल्क बिजली तथा ढांचागत सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की जाती आन्दोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों ने जिला अधिकारी तथा परियोजना प्रमुख को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में सरिता, बबिता, रेखा, कलावती, संतोषी, रामचन्द्री, रचना, कृष्णा, टिला देवी, देवेन्द्रा, सोहनी, गुडडी, पूनम, मंजूला, बरदास, राजेन्द्र सिंह सहित दर्जनों पुरूषों तथा महिलाओं के हस्ताक्षर हैं।

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