पहाड़ों की हकीकत

एक्सक्लूसिव: टिहरी उत्तरकाशी के गांवों मे लगी आग। दुकानें और जानवर जलकर खाक

नीरज उत्तराखंडी, विजय खंडूड़ी
भीतरी गांव में आग से सस्ते गले की  दुकान समेत आधा दर्जन  दुकानें जली
मंगलवार देर रात लगी आग, ग्रामीणों ने बडी मशक्कत के बाद बुझाई आग
राजस्व टीम मौके लिए रवाना, कोई जनहानि नहीं
साट सर्किट बताया जा रहा कारण
पुरोला। मोरी ब्लाक के  फतेपर्वत पट्टी के सुदूरवर्ती  भीतरी गांव में मंगलवार देर रात को दुकानों में लगी भीषण आग से सरकारी गले की  दुकान समेत आधा दर्जन  दुकानें जलकर राख हो गई है। आग से दुकानों में रखा
सामान जलकर राख हो गया,आग से किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। आग लगनें का कारण साट सक्रिट बताया जा रहा है।
सूचना पर बुधवार को नुकसान का जायजा लेनें राजस्व प्रशासन मौके पर पंहुच गया है।
तहसील मुख्यालय मोरी से 27.किमी दूर फते पर्वत पट्टी के भीतरीगांव में मंगलवार रात को  उस वक्त अफरातफरी मच गई जब गांव के नजदीक सडक में गुरदेव सिंह पुत्र मेंबर सिंह की लकडी की दुकान में अचानक आग लग गई जब तक लोग कुछ समझ पाते आग ने बिकराल रूप ले लिया व देखते ही देखते पांच और दुकानें भी आग की चपेट में आ गई।
दो घंटे की मशक्कत के बाद किसी तरह ग्रामीणों ने घरों से पानी लाकर आग बुझाई किंतु तब तक दुकानों में रखा सामान जलकर राख हो गया, आग से  सरकारी गले की दुकानों समेत 6 दुकानें जलकर राख हो गई।
मसरी प्रधान प्रताप सिंह व रणदेव कुंवर ने बताया कि आग से गुरुदेव सिंह पुत्र मेंबर सिंह, बीरवल सिंह पुत्र सुंदर सिंह की सरकारी गले की परचून दुकानों समेत संजय सिंह पुत्र रणदेव सिंह, ज्ञान सिंह पुत्र युद्ववीर सिंह, नरेश पुत्र दलजीत,रिंकू पुत्र माटूराम की राशन की दुकानें व राशन,सामान जलकर राख हो गया है।
सूचना मिलनें पर मोरी  राजस्व प्रशासन  मय टीम के नुकसान का जायजा लेने बुधवार दिन में भीतरी  मौके पर  पंहुच गया है। आग लगनें का कारण साट सक्रिट बताया जा रहा है।
एसडीएम पूरण सिंह राणा ने आग लगने की पुष्टि करते हुए  बताया कि अब तक 5दुकानों के जलने की सूचना मिली  है ।राजस्व टीम को मौके पर भेजा गया है।
मकान में आग लगने से पांच मवेशियों की जलकर मौत और मकान में रखी नगदी व सारा सामान जलकर हुआ खाक
टिहरी। विकासखंड  थौलधार के नगुन पट्टी के दूरस्थ गांव अंधियारी चापड़ा में देर रात  कोमल दास के मकान में आग लगने से 5 मवेशियों की जलकर मौत हो गई और घर पर रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। घटना 31 दिसम्बर सोमवार की रात की है, जब कोमल दास  पुत्र अमर दास  सांय 7बजे अपने पूरे परिवार के साथ  अपने काफी दिनों से बीमार चल रहे हैं। चाचा दरब दास के कुछ दूर स्थित घर पर मिलने गया था, वहां पर कुछ देर रूकने बाद दरब दास के परिवार के द्वारा उन्हे वहीं पर खाना  खाने की बात की गई।  जिस पर  कोमल दास  पूरे परिवार के साथ वहीं पर कुछ देर के लिए रुक गया खाना खाने के बाद जब कोमल दास अपने परिवार के साथ रात करीब 1 बजे अपने मकान पर लौटा तो देखा कि मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गया था और मकान के अंदर बंधे  एक खच्चर एक भैंस एक जोड़ी बैल और एक कुत्ता जलकर मर चुके थे। साथ ही मकान मे रखा पूरा सामान व बक्से मे रखी तीस हजार रूपये की नगदी भी  पूरी तरह जल गई। जिसकी सूचना उसने सुबह ग्रामीण गोपाल चमोली  और ग्रामीणों को दी। जिस पर इनके द्वारा कण्डीसौड़ तहसील प्रशासन को दी सूचना पाकर मौके पर पहुंचे। तहसीलदार वीरेंद्र भट्ट, कानूनगो सी एम नगवाणवान और राजस्व उपनिरीक्षक कटखेत रविंद्र सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया। तहसीलदार बीरेन्द्र भट्ट ने बताया कि घटना की सारी जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।
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