विविध

महिला संस्थान मे नया मोड़:हाइकोर्ट ने लिया संज्ञान

जनहित याचिका पर संज्ञान लेकर हाईकोर्ट ने किया आंदोलनरत शिक्षकों का जवाब तलब
महिला तकनीकी संस्थान की छात्राओं ने संस्थान का गेट खुलवाने को दिया थानाध्यक्ष को अल्टीमेटम
शिक्षकों को उकसाने वाले कुलपति ने किया आंदोलन से किनारा
हाईकोर्ट में चल रहे मामले का मानवाधिकार आयोग ने भी लिया संज्ञान
लगभग 1 माह से महिला प्रौद्योगिकी संस्थान देहरादून में चल रहे फैकल्टी के आंदोलन में एक नया मोड़ आ गया है।  हाई कोर्ट ने हड़ताली कर्मचारियों को हड़ताल करने का कारण पूछा है। अहम सवाल यह है कि जब मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है तो फिर मानवाधिकार आयोग ने इस मामले का संज्ञान कैसे ले लिया! ऐसा प्रतीत होता है कि मानवाधिकार आयोग को इसकी जानकारी ही नहीं थी।

लगभग एक माह से महिला प्रौद्योगिकी संस्थान देहरादून में हड़ताल पर डटे शिक्षकों को हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका का संज्ञान लेते हुए नोटिस भेजा है। हाईकोर्ट में 6 अक्टूबर 2017 को पारित अपने आदेश में तालाबंदी कर हड़ताल और धरना प्रदर्शन में लिप्त शिक्षकों और कर्मचारियों को शो कॉज नोटिस दस्ती सर्व करने के आदेश जारी किए हैं। इसकी सुनवाई के लिए  9 अक्टूबर की तिथि तय की गई है। पूजा बहुखंडी की ओर से उनकी संस्था में कार्यरत पंकज पोखरियाल ने प्रशासन की मदद से हड़ताली कर्मचारी व शिक्षकों को यह दस्ती नोटिस सर्व किए। देहरादून की सामाजिक कार्यकर्ता पूजा बहुखंडी की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने महिला तकनीकी संस्थान के शिक्षकों से हड़ताल का कारण पूछा है गौरतलब है कि महिला प्रौद्योगिकी संस्थान की निदेशक अलकनंदा अशोक की सख्ती के खिलाफ शिक्षक एक माह से आंदोलनरत हैं।

 इधर छात्राओं ने थानेदार से की गेट खुलवाने की मांग 
फैकल्टी ने तकनीकी संस्थान के गेट पर ताला लगाकर हड़ताल चालू कर रखी है। तालाबंदी के कारण संस्थान मे एम टेक और एम फार्मा की क्लास भी लगभग ठप हो रखी है। छात्राओं ने थानाध्यक्ष तथा जिला अधिकारी को पत्र लिखकर w i t का गेट खुलवाने का अनुरोध किया है। छात्राओं ने लिखा है कि 16 सितंबर से तालाबंदी होने के कारण उनकी पढ़ाई लिखाई ठप हो गई है। तथा 21 से 23 सितंबर तक होने वाले यूनिट टेस्ट भी नहीं हो पाए। छात्राओं ने अपनी शिकायत में लिखा है कि दिसंबर माह में उनके एक्सटर्नल फाइनल एग्जाम होते हैं लेकिन हड़ताल के कारण कोर्स ही पूरा नहीं हो पाया। उन्होंने थानाध्यक्ष से fir दर्ज कराने की मांग की है तथा कोई कार्यवाही ना होने पर मुख्यमंत्री से मिलने की चेतावनी दी है।
इस हड़ताल में घुड़दौड़ी इंजीनियरिंग कॉलेज पौड़ी  के पूर्व निदेशक अनुराग स्वामी की पत्नी शोभना रावत स्वामी भी फैकल्टी के समर्थन में आंदोलन कर रही हैं। शोभना रावत स्वामी  भारतीय जनता पार्टी की  महिला मोर्चा की  प्रदेश प्रवक्ता भी हैं। पिछले दिनों संस्थान के निदेशक अलकनंदा अशोक के खिलाफ बयानबाजी के आरोप मे निदेशक ने शोभना रावत स्वामी को मानहानि का नोटिस भी भिजवाया है। फिलहाल सभी की नजरें 9 अक्टूबर को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर लगी हुई है। देखना यह है कि हाई कोर्ट एक माह से चले आ रहे इस आंदोलन को लेकर क्या निर्णय सुनाता है।

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