खुलासा : लैंसडौन वन प्रभाग बना पर्यावरण का भारी दुश्मन, हर वर्ष दे रहा हज़ारों हरें पेड़ो के पातन की अनुमति, वनमाफिया मालोमाल

अनुज नेगी कोटद्वार।लैंसडौन वन प्रभाग अब खुद ही पर्यावरण का दुश्मन बना हुआ है,पिछले कई वर्षों से लैंसडौन वन प्रभाग हरें पेड़ो को काटने की अनुमति दे कर वन माफियाओं को मालामाल और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहा हैं। बतादें कि लैंसडौन वन प्रभाग के दुगड्डा और लैंसडौन रेंज के अंतर्गत इन दिनों भारी […]

अनुज नेगी

कोटद्वार।लैंसडौन वन प्रभाग अब खुद ही पर्यावरण का दुश्मन बना हुआ है,पिछले कई वर्षों से लैंसडौन वन प्रभाग हरें पेड़ो को काटने की अनुमति दे कर वन माफियाओं को मालामाल और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहा हैं।

बतादें कि लैंसडौन वन प्रभाग के दुगड्डा और लैंसडौन रेंज के अंतर्गत इन दिनों भारी मात्रा में चीड़ के हरें पेड़ो पर आरिया चलाई जा रही है।जिससे साफ नजर आ रहा है कि वन अधिकारी अपने स्वार्थ के लिए किस कदर हरें पेड़ो पर आरिया चला रहे हैं।

बतादें कि लैंसडौन वन प्रभाग के उच्च अधिकारी ने वन कारोबारियों को मालामाल करने के लिए एक अनोखा जुगाड़ निकाला है,अधिकारी ने एक फाइल में दस हरें पेड़ काटने की अनुमति दी है,वही एक वन कारोबारी ने पांच से दस फ़ाइल स्वीकृति करा रही है,यानी एक वन कारोबारी पचास से सौ हरें पेड़ो को काटकर मालामाल बन रहा है,वही जिम्मेदार विभाग हर वर्ष हजारों हरें पेड़ो का पातन करा कर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहा हैं।

वही अब देखना होगा कि प्रदेश का वन महकमा इन अधिकारियों पर क्या कार्यवाही करता है।

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