कोर्ट ने पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट रद्द की: दस साल पुरानी चोरी की घटना में नए सिरे से जांच के निर्देश

देहरादून: एक दशक पुरानी चोरी की घटना में पुलिस को फिर से जांच करनी होगी। मेडिकल स्टोर के स्वर्गीय मालिक के भाई की शिकायत पर अदालत ने पुलिस द्वारा दाखिल की गई अंतिम रिपोर्ट को अस्वीकार कर दिया और मामले की पुन: जांच के लिए आदेश जारी किए हैं। यह घटना राजधानी देहरादून के नगर […]

देहरादून: एक दशक पुरानी चोरी की घटना में पुलिस को फिर से जांच करनी होगी। मेडिकल स्टोर के स्वर्गीय मालिक के भाई की शिकायत पर अदालत ने पुलिस द्वारा दाखिल की गई अंतिम रिपोर्ट को अस्वीकार कर दिया और मामले की पुन: जांच के लिए आदेश जारी किए हैं। यह घटना राजधानी देहरादून के नगर कोतवाली इलाके में कावली रोड की है।

जानकारी अनुसार, जनवरी 2016 में कावली रोड पर स्थित राज सूरी के मेडिकल स्टोर और उसके बगल में वकील राजेश सूरी के दफ्तर में 16 जनवरी 2016 की रात सेंधमारी हुई थी। चोरों ने स्टोर से 15 से 20 हजार रुपये नकद और वकील राजेश सूरी की कुछ महत्वपूर्ण फाइलें चुरा ली थीं। घटना के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और एफएसएल टीम ने सबूत एकत्र किए थे।

देहरादून की नगर कोतवाली में केस दर्ज होने के बाद कई संदिग्धों से पूछताछ की गई, लेकिन पुलिस किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी और जांच लंबे समय तक अटकी रही। हालांकि, काफी वक्त गुजरने के बाद 2023 में पुलिस ने रिपोर्ट दाखिल की कि न तो अपराधी पकड़े गए और न ही चोरी का सामान बरामद हुआ। इसलिए मामले को लंबित रखना उचित नहीं है।

पुलिस की इस रिपोर्ट को राज सूरी ने 2023 में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम भावना पांडे की अदालत में चुनौती दी। राज सूरी ने अदालत को सूचित किया कि उनके मेडिकल स्टोर में पहले भी कई बार सेंधमारी हो चुकी है, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई थी। साथ ही, उन्होंने संदेह जताया कि स्वर्गीय वकील राजेश सूरी भ्रष्टाचार से संबंधित मुद्दों को सामने लाते थे। इसलिए फाइलें चुराने का उद्देश्य कुछ लोगों को बचाने के लिए साजिश रची गई हो सकती है।

राज सूरी ने यह भी दलील दी कि घटना के समय आसपास की दुकानों में कोई सेंधमारी का प्रयास नहीं हुआ और न ही अन्य जगहों को लक्ष्य बनाया गया, जिससे यह सामान्य चोरी से अलग लगता है। इस मामले पर नगर कोतवाली के प्रभारी प्रदीप पंत ने कहा कि अदालत के निर्देश के बाद चोरी की घटना में प्रमाण जुटाने का प्रयास किया जाएगा और जिन संदिग्धों से पूछताछ हुई थी, उनसे फिर से सवाल-जवाब किया जाएगा। साथ ही, जल्द ही मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।

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