पुश्ता ढहने से मचा हड़कंप, अंबिका सजवाण के खिलाफ कानूनी कार्रवाई संभव

नई टिहरी में समतलीकरण विवाद: पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अंबिका सजवाण को एसडीएम का नोटिस, बीएनएसएस धारा 152 के तहत कार्रवाई संभव

 

नई टिहरी में भूमि समतलीकरण को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक मामला सामने आया है। टिहरी की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री की पत्नी अंबिका सजवाण के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

 

प्रशासन के अनुसार, उनके स्वामित्व या नियंत्रण वाली भूमि पर भवन निर्माण की तैयारी के उद्देश्य से जेसीबी मशीन के जरिए पहाड़ी क्षेत्र को समतल किया जा रहा था। इस दौरान पास स्थित एक आवासीय भवन का सपोर्टिंग पुस्ता क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे आसपास के मकानों और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो गया।

जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई

यह कार्रवाई राजस्व उपनिरीक्षक डिबनू की रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसे 19 फरवरी 2026 को तहसीलदार टिहरी के माध्यम से एसडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। रिपोर्ट में उल्लेख है कि 18 फरवरी 2026 को कुलणा क्षेत्र के समीप, कोतवाली नई टिहरी से कारागार को जाने वाले मार्ग के बाईं ओर समतलीकरण का कार्य किया जा रहा था।

 

उक्त कार्य नई टिहरी के सेक्टर–2 स्थित अविकसित आवासीय भूखंड, संपर्क संख्या 06 पर निर्माण की तैयारी के रूप में चल रहा था। इसी प्रक्रिया में सी-टाइप–3 आवास संख्या 4 के आंगन का सहारा देने वाली दीवार को नुकसान पहुंचा।

लोक न्यूसेन्स की श्रेणी में मामला

जांच में पाया गया कि इस गतिविधि से सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंची है। प्रथम दृष्टया इसे लोक न्यूसेन्स की श्रेणी में माना गया है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ग्राम कुलणा एक विस्थापित क्षेत्र है, जो वर्तमान में नई टिहरी नगर क्षेत्र में शामिल है और कोतवाली नई टिहरी के अधिकार क्षेत्र में आता है।

राजस्व अभिलेखों के अनुसार, संबंधित भूमि अंबिका सजवाण, पत्नी शूरवीर सिंह सजवाण (पूर्व कैबिनेट मंत्री), निवासी ग्राम पंचूर, तहसील जाखणीधार के स्वामित्व अथवा नियंत्रण में है।

नोटिस में क्या कहा गया है?

परगना मजिस्ट्रेट (एसडीएम) टिहरी ने रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद माना कि प्रथम दृष्टया लोक न्यूसेन्स का मामला बनता है, जिसके चलते विधिक कार्रवाई आवश्यक है।

 

नोटिस में निर्देशित किया गया है कि स्थल पर चल रहा निर्माण और समतलीकरण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।

 

साथ ही अंबिका सजवाण को 20 फरवरी 2026 को प्रातः 11 बजे न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि उनके विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 152 के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। यदि निर्धारित तिथि पर उपस्थिति नहीं होती है, तो एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

पुलिस को तामिली के निर्देश

नोटिस की प्रति प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली नई टिहरी को भी प्रेषित की गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि संबंधित व्यक्ति को नोटिस विधिवत प्राप्त कराया जाए और तामिली रिपोर्ट नियत तिथि से पूर्व न्यायालय में प्रस्तुत की जाए।

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