वीडियो : फरियाद लेकर पहुंची पीड़िता, महिला अधिकारी ने फाइल फाड़ के फेंकी।

जगदंबा कोठारी कोटद्वार नगर क्षेत्र नगर निगम बनने के बाद से लगातार सुर्खियों में रहा है। जिनमें अधिकांश महिला अधिकारी आए दिन अपने कारनामों के लिए सुर्ख़ियों में हैं। कुछ दिन पहले कोटद्वार पोस्ट ऑफिस के एक महिला अधिकारी कि धौंस का वायरल वीडियो प्रदेश भर में सुर्खियों में था तो इस बार एक बड़ा […]

जगदंबा कोठारी
कोटद्वार नगर क्षेत्र नगर निगम बनने के बाद से लगातार सुर्खियों में रहा है। जिनमें अधिकांश महिला अधिकारी आए दिन अपने कारनामों के लिए सुर्ख़ियों में हैं। कुछ दिन पहले कोटद्वार पोस्ट ऑफिस के एक महिला अधिकारी कि धौंस का वायरल वीडियो प्रदेश भर में सुर्खियों में था तो इस बार एक बड़ा ही पेचीदा मामला सहायक नगर आयुक्त अंकिता जोशी का भी सामने आया है। अंकिता जोशी कोटद्वार नगर निगम मे सहायिका नगर आयुक्त के पद पर तैनात हैं। अंकिता जोशी पर आज आरोप लगा है कि उन्होंने अपने कार्यालय में श्रम विभाग के अधीन लंबित पड़ी एक फाइल को सरेआम फाड़ा है।

देखिए वीडियो 

https://youtu.be/VLiS7i7uyyU

 

बीईएल रोड कोटद्वार निवासी पीड़ित एवं वृद्धा महिला सुषमा देवी का आरोप है कि उनकी बेटी की शादी फरवरी माह में हुई थी। और श्रम विभाग से बेटी की शादी के लिए कुछ आर्थिक सहायता मिलनी थी जिसको लेकर वह लंबे समय से सहायक नगर आयुक्त कोटद्वार अंकिता जोशी के कार्यालय के चक्कर काट रही थी। अंकिता जोशी ने उनकी फाइल आगे बढ़ाने की बजाय आज फाड़ दी जिसकी लिखित शिकायत उन्होंने उप जिला अधिकारी कोटद्वार से भी की है।

अधिकारी लंबे समय से चक्कर कटवा रही थी
पीड़ित महिला का यह भी आरोप है की सहायक नगर आयुक्त लंबे समय से उनको अपने कार्यालय के चक्कर कटवा रही थी, पीड़िता ने बताया कि वह एक विधवा महिला है और उनकी बेटी की शादी का कर्ज उनके ऊपर है। सरकार की दी गई योजनाओं के तहत श्रम विभाग से उन्हें कुछ पैसे मिलने की उम्मीद थी लेकिन अंकिता जोशी ने उनकी फाइल पास करने के बजाय फाड़ दी है जिसमें उनके कई रुपए के सरकारी स्टांप पर लगे गए थे।
साथ ही उनका कहना है कि इस महिला अधिकारी ने अन्य अभ्यर्थियों के दस्तावेज भी सरेआम फाड़ कर फेंक दिए। पर्वतजन को खबर लगने के बाद जब हमने उनसे संपर्क किया तो

अफसर साहिबा का कहना है….
सहायक नगर आयुक्त अंकिता जोशी का कहना है कि कुछ रद्दी कागज फाड़े गए थे जिनमें किसी के भी कागज भूलवश फट गए हो तो उन्हें पुनः बनाने की प्रक्रिया मेरे द्वारा की जाएगी। जल्द पीड़ित महिला के कागज बनाकर उनको भुगतान कर दिया जाएगा।

अहम सवाल
लेकिन अहम सवाल यह उठता है कि अगर और अधिकारी ही अपने पदों की धौंस दिखाकर इस प्रकार से सरकारी कागजात सरेआम फाड़ने लग गए तो आम आदमी का इस कार्य व्यवस्था पर सवाल उठाना लाजमी है।
यहां बता दें कि सरकारी स्टांप फाड़ना सख्त कानूनी अपराध है जिसमें धोखाधड़ी के मुकदमे के साथ लंबी सजा का प्रावधान भी है।

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