भ्रष्टाचार : शिक्षा के मंदिरो में भी घोटाले ओर भ्रष्टाचार करने से नहीं चूक रहे भ्रष्टाचारी

टॉप …विकासनगर 

रिपोर्ट …सतपाल धानिया 

 

उत्तराखंड में भ्रष्टाचार की जड़े इस कदर पैर पसार चुकी है कि, भ्रष्टाचारी अब शिक्षा के मंदिरो में भी घोटाले ओर भ्रष्टाचार करने से नहीं चूक रहें हैं।

 

भ्रष्टाचार का एक ओर मामला अब सामने आया है सहसपुर विधानसभा के जस्सोवाला गांव में बन रहें राजकीय  पॉलिटैकनिक भवन के निर्माण में भवन निर्माण में विभागीय सांठगांठ के चलते घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है ।

 

भवन की दीवारो में पील्ली ईंटो क़ा इस्तेमाल कर हजारो मासूम बच्चों के जीवन को खतरे में डालने क़ा काम किया जा रहा है ।  एक औऱ सरकार जहां प्रदेश में शिक्षा का स्तर उठाने व अच्छे महाविद्यालय बनाकर प्रदेश के होनहारो को अच्छी शिक्षा देने क़ा प्रयास कर रही है।  जिससे प्रदेश के छात्र छात्राओं को अच्छी शिक्षा व अच्छे स्कूल कॉलेजों के लिऐ बाहर के राज्यो में ना भटकने पड़े औऱ प्रदेश के छात्राओं व छात्रो को प्रदेश में हीं अच्छे महाविद्यालय व अच्छी शिक्षा मिले उसके लिऐ बाकायदा सरकार भारी भरकम धन भी खर्च कर रही है।

 

बावजूद इसके सरकारी विभाग व संबंधित विभाग सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओ को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाकर उत्तराखंड के नौनिहालों के जीवन से खिलवाड़ कर उनके जीवन को खतरे में डालने क़ा काम कर रहें हैं।

 

सहसपुर विधानसभा अन्तर्गत जस्सोवाला गाँव में राजकीय पॉलिटैकनिक भवन का निर्माण प्रदेश सरकार द्बारा कराया जा रहा है । जिसके निर्माण में बारह करोड़ अड़तालीस लाख रुपए क़ा व्यय किया जा रहा है ओर इसमें कार्यदायी संस्था है । उत्तराखंड पेयजल निगम देहरादून तकनीकी विध्यालय का भवन निर्माण इस उद्देश्य से किया जा रहा था जिससे पछ्वादून क्षेत्र के छात्र छात्राओं को क्षेत्र में हीं उच्च तकनीकी शिक्षा दी जा सके औऱ क्षेत्र के होनहार बच्चो का भविष्य संवारा जा सके । लेकिन सरकार की यह बहुउद्देशीय योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।

 

भवन निर्माण में इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री बहुत हीं घटिया किस्म की है । भवन निर्माण में पील्ली ईंटो क़ा इस्तेमाल किया जा रहा है जो कि हल्की सी चोट में हीं टूट रही है।  इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि, साढ़े बारह करोड़ रुपए की सरकार की योजना में किस कद्र बंदरबाट की जा रही है।

 

पूर्व ग्राम प्रधान प्रवीण सैनी ने संबंधित विभाग व ठेकेदार पर सांठगांठ का आरोप लगाते हुए क़हा कि, भवन निर्माण में जो भी कार्य किया जा रहा है उसकी गुणवत्ता निम्न दर्जे की है जिसके चलते यहा पढ़ने वाले नौनिहालो के साथ बहुत बड़ा हादसा कभी भी घट जायेगा ओर बच्चों क़ा जीवन काल के गाल में समा जायेगा ।

 

पूर्व ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि, घटिया निर्माण सामग्री विभागीय सांठगांठ के चलते इस्तेमाल की जा रही है।  कई बार ग्रामीणों ने घटिया निर्माण सामग्री बिल्डिंग में ना लगाये जाने क़ा विरोध भी किया ओर उच्चाधिकारीयो को शिकायत भी की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।  बल्कि ग्रामीणों को ही दबंग ठेकेदार डरा धमका रहा है।

 

पूर्व ग्राम प्रधान प्रवीण सैनी ने क़हा है इस भ्रष्टाचार ओर घोटाले में कई प्रभावशाली व बड़े अधिकारी शामिल हैं जिनकी शह पर इस गोरखधंधे को अंजाम दिया जा रहा है।  घटिया गुणवत्ता की ईंटो व निर्माण सामग्री क़ा इस्तेमाल कर विभाग व ठेकेदार सरकार व स्थानीय विधायक सहदेव पुंडीर की छवि को धूमिल कर रहें है।  जस्सोवाला ग्राम प्रधान व ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर इस प्रकरण में जल्द ही कार्यवाही ना हुई तो राजकीय पॉलिटैकनिक जस्सोवाला में तालाबंदी कर उग्र आंदोलन किया जायेगा ।

 

ग्रामीणों की शिकायत पर जब पर्वतजन की टीम मौके पर पहुंची तो  पोलीटैकनिक के भवन में घटिया गुणवत्ता के निर्माण सामग्री व ईंटो क़ा इस्तेमाल होते हुए पाया गया ।  पर्वतजन की टीम को देखकर वहा कार्य करवा रहें  कंपनी के श्रमिको व अधिकारियों में हड़कंप मच गया व घटिया ईंटो को फेंकना शुरू कर दिया ।

 

वहा कार्य करवा रहें सुपरवाइजर से जब हमने जानकारी लेनी चाही कि, भवन निर्माण में घटिया गुणवता सामग्री क़ा इस्तेमाल किया जा रहा है तो वह गोलमोल जवाब देने लगा । तो वही वहा कार्य कर रहें श्रमिको से जब पूछा गया कि, घटिया ईंटो को क्यों फेंक रहें हो तो उन्होंने बताया कि, आपके आने की भनक जैसे हीं कंपनी के अधिकारियों को लगी तो उन्होंने हमें ईंटे हटाने व फेंकने के लिऐ क़हा । इससे सहज हीं यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि, भवन निर्माण में बहुत बड़े घोटाले को अंजाम दिया जा रहा है।  साथ हीं महाविद्यालय में आने वाले हजारो छात्रो का जीवन भ्रष्टाचार व घोटाले की भेंट चढ़कर मौत के मुंह की तरफ जा रहा है।

 

ग्रामीणों की शिकायत पर जब हमारी टीम वहा घटिया गुणवत्ता की निर्माण सामग्री से भवन निर्माण व घटिया गुणवत्ता की कवरेज कर रही थी तो उसी दौरान क्षेत्र के कुछ युवा क्षेत्र में बन रहें नए पॉलिटैकनिक भवन को देखने पहुंचे।

 

क्षेत्र में तकनीकी महाविधालय बनने से क्षेत्र के युवाओ  की खुशी क़ा कोई ठिकाना नही था औऱ अपना भविष्य अपने हीं क्षेत्र में बनता नजर आ रहा था  लेकिन तकनीकी महाविद्यालय के निर्माणाधीन भवन को जब उन्होंने देखा तो उनके पैरो के तले की जमीन खिसक गई ।

 

छात्रो ने पाया कि महाविद्यालय की निर्माणाधीन बिल्डिंग में घटिया निर्माण सामग्री क़ा इस्तेमाल किया जा रहा है जो कि दुर्घटना क़ा सबब बन सकता है । तो उन्होंने इस महाविद्यालय में प्रवेश का इरादा हीं त्याग दिया ।

 

आपको बता दे कि, देहरादून जिला भूकंप प्रभावित क्षेत्र में आता है अगर भूकंप क़ा हल्का सा झटका भी आ गया तो यह भवन भरभरा कर गिर जायेगा औऱ यहा अध्ययन कर रहें हजारो छात्र छात्राओं के लिऐ यह भवन काल में तब्दील हो जायेगा ।

 

तकनीकी छात्रो ने पॉलिटैकनिक महाविद्यालय की निर्माणाधीन बिल्डिंग की उच्च स्तरीय जांच की मांग व दोषियों के विरुध्द कार्यवाही करने की मांग भी की है छात्रो ने भी इस मामले में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

 

पॉलिटैकनिक महाविद्यालय जस्सोवाला  के निर्माणाधीन भवन में घटिया निर्माण सामग्री लगाये जाने पर जब उपजिलाधिकारी विकासनगर सौरभ असवाल से बात की गई तो उन्होंने भी घटिया निर्माण पर  नाराजगी जाहिर की है व भवन निर्माण की जांच के लिऐ एक कमेटी बनाने की बात कही है ।

 

सवाल यह खड़ा होता है कि, करोडो रुपए की बहुउद्देशीय योजनाओ में संबंधित विभाग आखिर क्यों आंखे मूंदे रहते हैं । जब कोई हादसा घट जाता है तब कही जाकर सरकारी विभागो की नींद खुलती है।  लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है । अगर इस बिल्डिंग की जांच भी ना हुयी तो क्षेत्र में एक बड़े हादसे क़ा इन्तेजार करना पड़ेगा।

 

सवाल यह भी खड़ा होता है कि, कार्यदायी संस्था उत्तराखंड पेयजल निगम आखिर पूरे मामले पर क्यों आंखे बंद किए हुए है हालाकि इस संबंध में जब पेयजल निगम के अधिकारियों से वार्ता की गई तो उन्होंने पूरे मामले से ही पल्ला झाड़ लिया ओर सिर्फ इतना कहकर इतिश्री कर ली कि ठेकेदार को हिदायत दी जायेगी ।

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