विवाद : बिना शासन आदेश के मेयर ने मनमाने तरीके से तुड़वाई जूता घर बिल्डिंग

रिपोर्ट- मनिषा सिंह वर्मा

ऋषिकेश।

मेयर पद पर काबिज होने के बाद से लगातार महापौर अनीता ममगांई सुर्खियों में रही हैं। अपने अल्प कार्यकाल में तमाम सुर्खियां बटोर चुकी महिला महापौर ऋषिकेश अब एक नए विवाद में फंसती नजर आ रही है।

रातों-रात जेसीपी ले जाकर सरकारी संपत्ति को तुड़वाकर मेयर अपने समर्थकों के बीच में वाह वाही सुनकर खुश तो हो रही है, वहीं भाजपा का दूसरा धड़ा इस प्रकरण को लेकर खासा नाराज है। पूर्व राज्य मंत्री भगतराम कोठारी ने इस मुद्दे को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है।

जानिए क्या है मामला

मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की ओर से त्रिवेणी घाट में 5.93 लाख की लागत से जूता घर बनाया गया था । जिसको बुधवार को ऋषिकेश महापौर अनीता मंगाई ने एमडीडीए अधिकारियों को श्रद्धालुओं की आस्था के विरुद्ध बनाए गए इस जूता घर को 48 घंटे के अल्टीमेटम के अंदर हटाने का आदेश दिया था।

महापौर ने कहा था कि अगर उन्होंने यह जूता घर नहीं हटाया तो स्वयं इस जूता घर को हटा देंगी। जब एमडीडीए ने निर्धारित समय में जूताघर नहीं हटाया तो महापौर अनीता मंगाई ने रविवार तड़के गंगा सभा, दशहरा कमेटी ,सार्वजनिक छठ पूजा समिति, और घाट रोड व्यापार मंडल से जुड़े सदस्यों की मौजूदगी में दो जेसीबी चलवाकर निर्माणाधीन जूता घर को ध्वस्त करवा दिया ।

पूर्व दर्जाधारी मंत्री भगतराम कोठारी ने आरोप लगाया है कि किसी सरकारी संपत्ति को बिना शासन के आदेश से जनप्रतिनिधि तोड़ या तुड़वा नहीं सकता । उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से त्रिवेणी घाट पर बने जूता घर को तुड़वाने वाले लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।

वहीं इस मामले में एमडीडीए के सचिव हरवीर सिंह ने बताया कि इस जूता घर का निर्माण 2019 से शुरू कर दिया गया था जो निर्माण अंतिम चरण में था । 2019 से आज तक इसका विरोध नहीं हुआ ।

जब निर्माण पूरा हो गया तो इसका ध्वस्तीकरण करवा दिया गया ।उन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून को शिकायत पत्र दे दिया है।

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