बड़ेत जूनियर हाईस्कूल की जर्जर भवन को लेकर ग्राम प्रधान ने लगाई मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से गुहार।

रिपोर्ट-ललित बिष्ट कुमाऊ के अल्मोड़ा जिले के राजकीय जूनियर हाई स्कूल बड़ेत का भवन जर्जर हालत में है जिसको लेकर ग्रामीणों ने आक्रोश जाहिर किया है इस बाबत डीएम अल्मोड़ा को भी पत्र लिखा जा चुका है । बड़ेत ग्राम पंचायत के प्रधान रेखा बिष्ट ने 2021 में भी पत्र लिखकर जूनियर हाई स्कूल के […]

रिपोर्ट-ललित बिष्ट

कुमाऊ के अल्मोड़ा जिले के राजकीय जूनियर हाई स्कूल बड़ेत का भवन जर्जर हालत में है जिसको लेकर ग्रामीणों ने आक्रोश जाहिर किया है इस बाबत डीएम अल्मोड़ा को भी पत्र लिखा जा चुका है ।

बड़ेत ग्राम पंचायत के प्रधान रेखा बिष्ट ने 2021 में भी पत्र लिखकर जूनियर हाई स्कूल के भवन की मरम्मत कराने के लिए मांग की थी मगर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई जिसके चलते ग्रामीणों में खासा रोष देखा जा रहा है।

वही जिला शिक्षा अधिकारी ने एक पत्र लिखकर इतिश्री करने का काम किया है शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इतना भी मुनासिब नहीं समझा कि नौनिहालों का जीवन जर्जर भवन होने की वजह से खतरे में है और स्कूल की छत का मरम्मत भी नही कराया मगर अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

ग्राम पंचायत बड़ेत के प्रधान रेखा बिष्ट का कहना है कि लगातार अधिकारियों से पत्राचार कराया जा रहा है ताकि नौनिहालों का भविष्य सुरक्षित हो सके जिस तरह के जर्जर भवन में पठन-पाठन का काम चल रहा है इससे हमेशा छत गिरने का भय बना रहता है छात्र-छात्राएं चिंतित रहते हैं ऐसे में सबसे बड़ी बात है कि अभी तक अधिकारी कोई इस मांग के बारे में उचित कदम नहीं उठा रहे हैं ।

उनका कहना है कि अगर जल्द प्रशासन ने कोई ठोस कार्यवाही नहीं की तो ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन करेंगे।

इस मौके पर ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह के भवन निर्माण के बाद बार-बार अधिकारियों के पत्र से हो रही है जमीनी स्तर पर कोई भी निर्माण नहीं हुआ है उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देते हो मगर जिस तरह से दूरस्थ क्षेत्रों के बालिकाओं को तमाम देशवासियों के बीच पठन-पाठन का काम करना पड़ रहा है यह किसी से छिपा नहीं है ।

ऐसे में उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री धनसिंह रावत से जल्द से जल्द उचित कार्रवाई की मांग की है ऐसे में देखना होगा कि आखिर प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों की मांग को लेकर कितनी शिद्दत के साथ काम करते हैं ?

 

Also Read This

हादसा: यहां खाई में गिरी 22 यात्रियों से भरी बस, देखें रेस्क्यू वीडियो

ब्रेकिंग न्यूज़(कमल कगाती, नैनीताल):-ऊत्तराखण्ड के मुक्तेश्वर में पर्यटकों से भरी बस गहरी खाई में गिरने से हड़कंप। एन.डी.आर.एफ. पुलिस, एस.डी.आर.एफ.और स्थानीय लोगों की मदद...

भालू का हमला: सड़क बंद, घायल ग्रामीण को कंधों पर ढोकर जखोल पहुंचाया

मोरी (उत्तरकाशी) | 14 अगस्त 2026 | नीरज उत्तराखंडीउत्तरकाशी जिले के विकासखंड मोरी से मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक चिंताजनक घटना सामने आई है। ग्राम...

Related Posts