देहरादून: उत्तराखंड में जिला न्यायालयों को लगातार मिल रही बम धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को लगातार तीसरे दिन देहरादून जिला न्यायालय को विस्फोट से उड़ाने की चेतावनी ईमेल के माध्यम से भेजी गई। संदेश जिला जज को संबोधित था, जिसके बाद एहतियातन पूरे न्यायालय परिसर को तत्काल खाली कराया गया और व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।
धमकी की सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और वादकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस), डॉग स्क्वॉयड और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर हर हिस्से की गहन जांच की।
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि सुबह जिला जज कार्यालय से सूचना प्राप्त होते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत परिसर खाली कराया गया। विस्तृत तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, जिसके बाद दोबारा प्रवेश की अनुमति दे दी गई।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने कहा कि ईमेल मिलने के तुरंत बाद कैंपस खाली कराया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी संबंधित पक्ष प्रशासन के निर्देशों का पालन कर रहे हैं।
कई जिलों के न्यायालय निशाने पर
रविवार 16 फरवरी से प्रदेश के विभिन्न जिला न्यायालयों को धमकी भरे ईमेल भेजे जा रहे हैं। शुरुआत नैनीताल और उत्तरकाशी से हुई, जिसके बाद पिथौरागढ़, टिहरी, रुद्रप्रयाग और हरिद्वार के जिला न्यायालयों को भी इसी तरह की चेतावनियां मिलीं।
हरिद्वार में आरडीएक्स से उड़ाने की धमकी
हरिद्वार के रोशनाबाद स्थित जिला न्यायालय को 17 फरवरी को आधिकारिक ईमेल आईडी पर एक संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें परिसर को आरडीएक्स से उड़ाने की बात कही गई थी। मेल में दावा किया गया कि न्यायाधीश के चैंबर में विस्फोटक लगाए गए हैं और दोपहर तक परिसर खाली कराने का उल्लेख किया गया था। साथ ही ईडब्ल्यूएस आरक्षण से संबंधित टिप्पणियां भी संदेश में दर्ज थीं।
धमकी के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। 18 फरवरी की सुबह बीडीएस और पुलिस टीम ने कोर्ट परिसर की बारीकी से जांच की। कार्यालयों, अधिवक्ताओं के चैंबर, बाहरी दीवारों और पार्किंग में खड़े वाहनों की तलाशी ली गई, लेकिन कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और पर्याप्त संख्या में पुलिस, बीडीएस व इंटेलिजेंस कर्मियों की तैनाती की गई है।
सिडकुल थाना प्रभारी नितेश शर्मा ने बताया कि साइबर सेल के माध्यम से ईमेल भेजने वाले की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच की जा रही है।
साइबर जांच और सत्यापन अभियान
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार अब तक की जांच में कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है, लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। संभावित जोखिम को समय रहते निष्क्रिय करने के उद्देश्य से साइबर टीम ईमेल के स्रोत की पड़ताल कर रही है। साथ ही जिले में व्यापक सत्यापन अभियान भी चलाया जा रहा है।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
हरिद्वार एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है, जहां कांवड़ यात्रा, कुंभ और अर्द्धकुंभ जैसे बड़े आयोजन होते हैं। पूर्व में हरिद्वार रेलवे स्टेशन और हरकी पैड़ी को भी विस्फोट से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि जांच में अब तक कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया।
गौरतलब है कि रोशनाबाद स्थित जिला न्यायालय को इस प्रकार की धमकी पहली बार ईमेल के माध्यम से मिली है। पुलिस और प्रशासन मामले की गहन जांच में जुटे हैं और जल्द खुलासे का भरोसा जता रहे हैं।



