नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शनिवार को हल्द्वानी स्थित क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय का अचानक निरीक्षण कर विभागीय व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। जिलाधिकारी के अचानक पहुंचने से कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, निरीक्षण की सूचना मिलते ही परिसर में सक्रिय बिचौलिए वहां से हट गए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने रिकॉर्ड रूम, कार्यालय व्यवस्था और आम नागरिकों को दी जा रही सुविधाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान फाइलों के रखरखाव और रिकॉर्ड प्रबंधन में खामियां सामने आईं, जिस पर जिलाधिकारी ने असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों का सुव्यवस्थित होना अनिवार्य है, जिससे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिलाधिकारी ने कार्यालय में कार्यरत सभी कर्मचारियों को नेम प्लेट और पहचान पत्र अनिवार्य रूप से पहनने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे आमजन को अधिकारी और बाहरी व्यक्ति के बीच अंतर करने में आसानी होगी। इसके साथ ही निरीक्षण के दौरान शिकायत पेटिका न पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई और तत्काल शिकायत पेटिका स्थापित करने के आदेश दिए, ताकि नागरिक अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचा सकें।
निरीक्षण के दौरान सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और उनकी कार्यप्रणाली की भी जांच की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की नियमित रूप से, कम से कम सात दिन में एक बार समीक्षा की जाए। साथ ही कार्यालय परिसर में स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाने के आदेश दिए गए, जिसमें यह उल्लेख हो कि यहां सरकार द्वारा कोई अधिकृत एजेंट नियुक्त नहीं है, ताकि बिचौलियों की भूमिका पर रोक लगाई जा सके।
अंत में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



