केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी सूचना सामने आई है। श्रम ब्यूरो द्वारा जारी दिसंबर 2025 के ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स–इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) का आंकड़ा 148.2 दर्ज किया गया है। इस आधार पर जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता (DA) में 2 प्रतिशत की वृद्धि लगभग तय मानी जा रही है। वर्तमान में 58 प्रतिशत की दर से मिल रहा डीए बढ़कर 60 प्रतिशत हो सकता है। अब लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी है।
क्या त्योहार से पहले आएगा फैसला?
सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर है कि क्या सरकार होली से पहले इसका ऐलान कर सकती है। इस वर्ष होली 3 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। परंपरागत रूप से सरकार वर्ष में दो बार—जनवरी और जुलाई—के लिए डीए संशोधित करती है, जबकि घोषणा प्रायः मार्च तथा सितंबर या अक्टूबर में की जाती है। कई अवसरों पर बड़े पर्वों से पहले निर्णय की घोषणा की गई है, ताकि कर्मचारियों को समय पर राहत मिल सके, हालांकि यह हर बार संभव नहीं हो पाता।
उदाहरण के तौर पर 2025 में होली 14 मार्च को थी, लेकिन डीए वृद्धि की घोषणा 28 मार्च को की गई थी। वहीं वर्ष की दूसरी किस्त 1 अक्टूबर 2025 को घोषित हुई, जबकि दिवाली 20 अक्टूबर को थी। यानी त्योहार से पहले निर्णय की संभावना रहती है, पर निश्चित तिथि तय नहीं होती। ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल का मानना है कि इस बार होली से पहले घोषणा हो सकती है, हालांकि औपचारिक आदेश अप्रैल में भी जारी किया जा सकता है।
वेतन पर कितना पड़ेगा असर?
डीए कर्मचारियों की आय का अहम हिस्सा है। 7वें वेतन आयोग के अनुसार एंट्री लेवल ग्रुप D कर्मचारी की मूल वेतन राशि 18,000 रुपये है, जो 1 जनवरी 2016 से प्रभावी है। 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है और 8वें वेतन आयोग के लागू होने में समय लग सकता है। ऐसे में फिलहाल बेसिक सैलरी यथावत रहेगी, जबकि डीए में हर छह माह पर संशोधन होता रहेगा।
यदि 18,000 रुपये की मूल वेतन पर 58 प्रतिशत डीए लागू है तो यह राशि 10,440 रुपये बनती है और कुल वेतन 28,440 रुपये होता है। वहीं 60 प्रतिशत डीए होने पर यह 10,800 रुपये होगा और कुल राशि 28,800 रुपये तक पहुंच जाएगी। इसके अतिरिक्त हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और वार्षिक 3 प्रतिशत की वृद्धि अलग से मिलती है। वरिष्ठ कर्मचारियों को अन्य भत्तों का भी लाभ मिलता है, जिससे कुल आय पर और प्रभाव पड़ता है।
कैसे तय होती है दर?
महंगाई भत्ते की गणना 12 माह के AICPI-IW औसत के आधार पर की जाती है। दिसंबर 2025 तक का 12 माह का औसत 145.54 रहा है। 2016 बेस ईयर के आंकड़ों को 2001 बेस से जोड़ने के लिए 2.88 का गुणांक लागू किया जाता है। निर्धारित फार्मूले के अनुसार डीए लगभग 60.33 प्रतिशत बनता है। आमतौर पर सरकार पूर्णांक में घोषणा करती है, इसलिए इसे 60 प्रतिशत माना जा रहा है।
जनवरी 2026 से डीए 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत होने की संभावना प्रबल है। अब अंतिम निर्णय और औपचारिक अधिसूचना का इंतजार है, जो लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरा साबित हो सकता है।



