सड़क सुविधा से महरूम हैं सटूड़ी गांव, नहीं पहुंचे विकास के पांव

मोरी।19 फरवरी 2026

रिपोर्ट _नीरज उत्तराखंडी 

राज्य निर्माण के 26 वर्ष बाद भी सड़क सुविधा से वंचित हैं मोरी प्रखंड का सटूड़ी गांव।मुख्यमंत्री की घोषणा के 8 वर्ष बाद भी पंचगांई पट्टी के सावणी और सटूड़ी गांव आज तक मोटर मार्ग से नहीं जुड़ पाए हैं। सटूड़ी गांव के 72 परिवार आज भी आवाजाही के लिए रूपिन नदी पर बनी लकड़ी की जर्जर पुलिया पर निर्भर हैं, जो हर वर्ष बरसात में नदी के उफान से बह जाती है।

सावणी और सटूड़ी गांव रूपिन नदी दाएं छोर पर बसे हैं और दोनों के बीच लगभग तीन किलोमीटर की दूरी है। सावणी गांव के लिए जखोल के समीप एक दशक पूर्व झूला पुल बन चुका है, लेकिन सटूड़ी गांव के ग्रामीणों को आज भी सुनकुंडी से दो किलोमीटर नीचे नदी पर बनी अस्थायी लकड़ी की पुलिया से ही आवाजाही करनी पड़ती है। बरसात के दौरान नदी के उफान के चलते ग्रामीण कई दिनों तक गांव में ही फंसे रह जाते हैं।

ग्राम प्रधान सुरेन्द्र सिंह रावत ने बताया कि
ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए वर्ष 2014-15 में लोनिवि द्वारा शासन को झूला पुल एवं सड़क निर्माण का प्राक्कलन भेजा गया था। वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री द्वारा खेड़ा से सटूड़ी–सावणी तक पांच किलोमीटर मोटर मार्ग निर्माण की घोषणा भी की गई थी। दो वर्ष पूर्व विभाग द्वारा खेड़ा घाटी से सटूड़ी तक प्रस्तावित मोटर मार्ग हेतु भूमि का सर्वेक्षण कर भूमि प्रतिकर भी वितरित किया गया, किंतु निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका।

बुधवार को गांव की महिला गुंदरी देवी की तबीयत खराब होने पर ग्रामीणों को उन्हें डंडी-कंडी के सहारे सड़क मार्ग तक पहुंचाना पड़ा, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
क्या कहते हैं अधिकारी
इस संबंध में पीएमजीएसवाई के कनिष्ठ अभियंता अनन्तराम शर्मा ने बताया कि मोटर मार्ग के संबंध में ग्रामीणों के अलग-अलग सुझाव सामने आ रहे हैं। कुछ ग्रामीण पुराने सर्वे के अनुसार बैंचा पुल से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं, जिसका विभाग द्वारा पूर्व में सर्वेक्षण भी किया जा चुका है, जबकि कुछ ग्रामीण सुनकुंडी से सड़क निर्माण के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही ग्रामीण आपसी सहमति बनाकर विभाग को औपचारिक रूप से अवगत कराएंगे, विभाग शीघ्र ही प्राक्कलन तैयार कर आगे की कार्यवाही प्रारंभ करेगा।

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