उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा जानकारी के अनुसार 9 फरवरी से राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बन रही है। यदि यह पूर्वानुमान सही रहा, तो पहाड़ी इलाकों में एक बार फिर बर्फ की सफेदी देखने को मिल सकती है।
बीते कुछ दिनों से प्रदेश में मौसम के उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर भी साफ नजर आ रहा है। दिन में तेज धूप और सुबह-शाम की ठंड के कारण सर्दी, जुकाम और वायरल से पीड़ित मरीजों की संख्या अस्पतालों में बढ़ रही है। चिकित्सकों के अनुसार अचानक तापमान में बदलाव इसका प्रमुख कारण है।
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल अगले दो से तीन दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रह सकता है। इसके बाद 9 फरवरी से 11 फरवरी के बीच एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके चलते उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। साथ ही 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी के आसार हैं।
इस सर्दी के मौसम में अब तक उत्तराखंड में सामान्य से कम बर्फबारी दर्ज की गई है। 23 जनवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बर्फबारी हुई थी, लेकिन इसके बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में केवल छिटपुट बारिश और बर्फबारी ही देखने को मिली। ऐसे में फरवरी के दूसरे सप्ताह में संभावित बारिश और बर्फबारी को अहम माना जा रहा है।
मौसम वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार फरवरी के पहले सप्ताह में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन 9 फरवरी के बाद मौसम में हलचल बढ़ सकती है। वहीं मैदानी जिलों, विशेषकर हरिद्वार और उधम सिंह नगर में सुबह और रात के समय घने कोहरे की संभावना जताई गई है। राज्य के अन्य जिलों में 11 फरवरी तक मौसम शुष्क रह सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हल्की बारिश होती है तो इसका लाभ रबी फसलों के साथ-साथ फल उत्पादन को भी मिल सकता है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।



