अबन कोऑपरेटिव बैंक में बड़ा घोटाला उजागर: 9000 जमाकर्ताओं के 124 करोड़ रुपये डूबने के कगार पर!
सुजाना (झज्जर)। हरियाणा के झज्जर जिले के सुजाना गांव स्थित अबन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है, जिसके चलते बैंक को दिवालिया घोषित कर दिया गया है। इससे लगभग 9000 खाताधारकों के कुल 124 करोड़ रुपये फंस गए हैं, और ग्राहक अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
बैंक के खिलाफ धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और अनियमित कर्ज वितरण के गंभीर आरोप लगे हैं। सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2013-14 के दौरान बैंक ने अपने अधिकारियों के रिश्तेदारों और करीबियों को बिना पर्याप्त सुरक्षा या गारंटी के भारी-भरकम लोन जारी किए, जो अब वसूली के लायक नहीं बचे। बैंक के पूर्व चेयरमैन अरविंद यादव समेत कई पदाधिकारियों पर इन अनियमितताओं का सीधा आरोप है, और उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज हो चुका है।
जानकारी के अनुसार, बैंक में कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों और उनके परिवारजनों के खाते भी थे, जिनमें भाजपा और कांग्रेस से जुड़े नेता शामिल हैं। इनमें से कुछ ने बैंक से बड़े कर्ज लिए, लेकिन नियमों की अनदेखी की गई। ग्राहकों का कहना है कि बैंक प्रबंधन ने जानबूझकर फर्जी दस्तावेजों और गलत प्रक्रियाओं से धन का दुरुपयोग किया, जिससे आम जमाकर्ताओं को भारी नुकसान हुआ।
दिवालिया घोषित होने के बाद बैंक की संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन ग्राहकों को उनका पैसा कब मिलेगा, इस पर अनिश्चितता बनी हुई है। प्रभावित जमाकर्ताओं ने बैंक के बाहर प्रदर्शन कर अपनी मांगें रखी हैं, और वे प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की गुहार लगा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है, और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में विश्वास की कमी को उजागर करती है, जहां राजनीतिक दखल और प्रबंधकीय लापरवाही से आम आदमी की बचत खतरे में पड़ गई है। ग्राहकों की मांग है कि सरकार इस मामले में पारदर्शी जांच सुनिश्चित करे और उनके पैसे की त्वरित वसूली कराए।



