देहरादून। उत्तराखंड की पत्रकारिता जगत से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। कर्मभूमि फ़ाउंडेशन उत्तराखंड की ‘सर्च कमेटी’ ने वरिष्ठ पत्रकार राहुल कोटियाल को प्रतिष्ठित ‘पंडित भैरवदत्त धूलिया चतुर्थ पुरस्कार’ के लिए चयनित किया है। उन्हें यह सम्मान उत्तराखंड की राजनीति, समाज, संस्कृति और पहाड़ के मुद्दों पर निर्भीक एवं जनपक्षीय पत्रकारिता के लिए दिया जा रहा है।
राहुल कोटियाल ने डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘बारामासा’ के माध्यम से उत्तराखंड के जमीनी मुद्दों को सरल, प्रभावशाली और तथ्यात्मक तरीके से लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
पहाड़ के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका
राहुल कोटियाल की पत्रकारिता को विशेष रूप से पहाड़ की समस्याओं, पलायन, सामाजिक चुनौतियों और जनसंघर्षों को सामने लाने के लिए जाना जाता है। उनकी रिपोर्टिंग ने स्थानीय मुद्दों को व्यापक स्तर पर चर्चा का विषय बनाया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल ने डिजिटल पत्रकारिता के जरिए उत्तराखंड की आवाज को नई पहचान दी है।
पुरस्कार में मिलेगा एक लाख रुपये का सम्मान
कर्मभूमि फ़ाउंडेशन के सचिव हिमांशु धूलिया के अनुसार इस सम्मान के तहत राहुल कोटियाल को:
- ₹1 लाख की धनराशि
- प्रशस्ति पत्र
- शॉल
प्रदान किया जाएगा।
यह सम्मान समारोह 19 मई को दून लाइब्रेरी, देहरादून में शाम 5 बजे आयोजित किया जाएगा।
पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान का सम्मान
फाउंडेशन का कहना है कि यह पुरस्कार केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उत्तराखंड में जनसरोकारों वाली पत्रकारिता को प्रोत्साहित करने का प्रयास भी है।
राहुल कोटियाल की पत्रकारिता को समाज और लोकहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने के लिए सराहा गया है। उनकी रिपोर्टिंग ने आम लोगों की समस्याओं को शासन और समाज तक पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाई है।
नई पीढ़ी के पत्रकारों के लिए प्रेरणा
पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि राहुल कोटियाल को मिला यह सम्मान युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा बनेगा। डिजिटल मीडिया के दौर में तथ्य आधारित, जिम्मेदार और जनपक्षीय पत्रकारिता की अहमियत को यह पुरस्कार और मजबूत करता है।




