75 दिन अस्पताल में रहने के बाद जयललिता का निधन, तमिलनाडु में मातम

75 दिनों से अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहीं तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता का सोमवार देर रात निधन हो गया। इसी के साथ तमिलनाडु की राजनीति में एक युग का अंत हो गया। कार्डियक अरेस्ट के बाद रविवार से ही जयललिता की हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। रात सवा 12:15 बजे अपोलो […]

75 दिनों से अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहीं तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता का सोमवार देर रात निधन हो गया। इसी के साथ तमिलनाडु की राजनीति में एक युग का अंत हो गया।

कार्डियक अरेस्ट के बाद रविवार से ही जयललिता की हालत बेहद गंभीर बनी हुई थी। रात सवा 12:15 बजे अपोलो अस्पताल ने उनके निधन की घोषणा की। अस्पताल ने कहा कि हर संभव कोशिश के बाद भी मुख्यमंत्री को बचाया नहीं जा सका। उन्होंने रात 11:30 बजे अंतिम सांस ली। वह 67 वर्ष की थीं।

देर रात उनके पार्थिव शरीर को उनके आवास पोएस गार्डन ले जाया गया। उनके पार्थिव शरीर को राजाजी हॉल में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। तमिलनाडु में छह दिसंबर से सात दिन का शोक घोषित किया गया है। स्कूल-संस्थान भी तीन दिन बंद रहेंगे।

अन्नाद्रमुक प्रमुख जयललिता के निधन की खबर आते ही अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में जमे उनके समर्थकों और पूरे राज्य में मातम पसर गया। पांच बार मुख्यमंत्री रहीं जयललिता गरीबों और आम जनता के लिए अपनी योजनाओं के चलते बेहद लोकप्रिय थीं।

दक्षिण भारत की राजनीति में वह तीन दशकों तक छायी रहीं। केंद्र की राजनीति में भी उनकी भूमिका रही। तमिलनाडु में उनकी लोकप्रियता का आलम यह था कि उन्हें कार्डियक अरेस्ट होने की खबर के बाद से ही उनके समर्थकों को बुरी तरह रोते बिलखते देखा गया।

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